एक्शन में योगी सरकार, यूपी की कमान संभालते ही बूचड़खानों पर लटके ताले

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में नई सरकार के गठन बाद अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरु हो चुकी है। इसी कड़ी में इलाहाबाद में दो बूचड़खानों को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा ये बूचड़खाने बिना तय मानकों और लाइसेंस के चलाए जा रहे थे। इसलिए इन्हें बंद किया गया है। राज्य सरकार ने भी इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। कैबिनेट बैठक के बाद मशीन से चलने वाले सभी बूचड़खानों को बंद कर दिया जाएगा।




इलाहाबाद में जिन बूचड़खानों को बंद किया गया है अटाला में चल हा था। इस बूचड़खाने को कुछ इलाके के कुछ दबंग चला रहे थे। लेकिन नई सरकार की तरफ से की गई सख्ती के बाद इन्हें बंद कर दिया गया।

इलाहाबाद के अलावे कई और जगहों पर भी बूचड़खानों पर कार्रवाई की जा रही है। जिनमें गाजियाबाद, मेरठ, लखीमपुर खीरी में भी तीन बूचड़खाने बंद करवाए गए हैं। वहीं वाराणसी में एक इलाके में चल रहे बूचड़खाने भी बंद करवाया गया। वहां से 60 से 70 गायों को भी छुड़ाया गया है। उधर सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि यूपी में मशीन से चलनेवाले सभी बूचड़खाने बंद होंगे। कैबिनेट की बैठक के बाद इसे लेकर आदेश जारी कर दिये जाएंगे।

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बूचड़खाने बंद होने से अब इससे जुड़े लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उनका कहना है कि बूचड़खाने बंद करवाने के बाद सरकार उन्हें रोजगार दे। जानकारी के मुताबिक यूपी में मौजूदा वक्त में 356 बूचड़खाने हैं। जिनमें से केवल 40 को ही मान्यता दी गई है।

अमरोहा के गजरौला इलाके में नगर पालिका की टीम ने अवैध मीट दुकानों को बंद करवाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। प्रशासन के मुताबिक ये नियमित कार्रवाई थी।

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