राम जन्मभूमि को लेकर मौलवियों पर शिया वक्फ बोर्ड का बहुत बड़ा खुलासा

नई दिल्ली:  शिया वक्फ बोर्ड ने राम जन्मभूमि को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। यूपी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैय्यद वसीम रिजवी ने कहा है कि राम जन्मभूमि विवाद के पीछे पाकिस्तान और मौलवियों की साठगांठ है। पाकिस्तान की तरफ से विवाद बढ़ाने के लिए इससे जुड़े मौलवियों को फंड भी मुहैया करा रहा है। शिया वक्फ बोर्ड ने यहां तक कहा है कि पाकिस्तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि मौलवी भारत में हिंदू और मुसलमानों के बीच तनाव पैदा करते रहें और यहां अशांति बनी रहे।

शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से ही सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर ये कहा गया था कि मुस्लिमों को उसी जगह पर राम मंदिर का निर्माण होने देना चाहिए जहां पर रामलला विराजमान हैं। और मस्जिद के लिए किसी और जमीन की मांग करनी चाहिए। चेयरमैन वसीम सिजवी ने मुसलमानों को राम मंदिर के पास जमीन के दावे से पीछे हटने की मांग भी की थी।

हलफनामा में कहा गया था कि अगर विवादित जगह पर राम मंदिर और मस्जिद दोनों का निर्माण कराया जाता है तो इससे दोनों समुदायों में वैमनस्य बढ़ेगा। इसलिए इस हालात से बचा जाना चाहिए। रिजवी ने कहा था कि 1946 तक विवादित जमीन पर उनका कब्जा था। लेकिन ब्रिटिश सरकार ने ये जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया था। शिया वक्फ बोर्ड की दलील थी कि बाबरी मस्जिद को बनवाने वाले मीर बाकी भी शिया था। इसलिए इसपर पहला हक शिया मुसलमानों का बनता है।

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