राम रहीम के डेरा में भारतीय नहीं डेरा की प्लास्टिक करेंसी से होता है कारोबार

नई दिल्ली:  15 साल पुराने रेप के मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया जा चुका है। अब सजा सुनाने की बारी है। लेकिन राम रहीम जब से जेल के भीतर गया है उसके बाद से उसके डेरा का स्याह सच बाहर आने लगा है। अपने आप में एक पूरे टाउनशिप वाले सिरसा के डेरा में राम रहीम के कई राज अभी भी खुलने बाकी है।

अब जो बात सामने आई है वो डेसा में होनेवाले खरीद बिक्री से जुड़ी है। जिसमें ये बात सामने आई है कि डेरा के भीतर कोई भी चीज खरीदने के लिए भारतीय करेंसी नहीं बल्कि डेरा की करेंसी का इस्तेमाल होता है। ग्राहक अगर भारतीय करेंसी में खुल्ले नहीं दे पाते तो दुकानदार इनके बदले पांच और दस रुपये के प्लास्टिक के सिक्के या टोकन उन्हें दिया करते थे।

डेरा के इन सिक्कों पर लिखा होता है धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, डेरा सच्चा सौदा सिरसा। इनका इस्तेमाल ग्राहक बाद में सच दुकानों से सामान खरीदने में करते थे। सिरसा में डेरा परिसर के भीतर और उसके आसपास जो भी दुकान हैं उनके शुरुआत में सच लिखा जाना अनिवार्य है। डेरा मुख्यालय के आसपास दुकानदार सच दुकानें चलाते थे। उनके पास अलग-अलग कलर कोड के प्लास्टिक के सिक्के होते थे।

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