हाईवे पर शराबबंदी के बाद राज्य सरकारों ने निकाला शराब बिक्री का नया रास्ता

नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 1 अप्रैल से राज्य या राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर के दायरे में शराब नहीं बेची जाएगी। कोर्ट के इस फैसले से हजारों शराब की दुकानों पर बंदी का खतरा मंडराने लगा। लेकिन इस परिस्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकारों ने दूसरा रास्ता अपना लिया। कई राज्यों की सरकारों ने अपने यहां शहरों से गुजरनेवाले एनएच को डिनोटिफाई कर दिया। इसके अलावे जिस शहर में बाईपास था वहां पर स्टेट हाइवे को अन्य जिला सड़क और बाईपास को हाईवे का दर्जा दे दिया। इसके बाद हुआ ये कि हजारों शराब की दुकानें बंद होने से बच गई।

ऐसा बदलाव किसी एक राज्य में नहीं बल्कि कई राज्यों में किया गया है। जिनमें यूपी, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल शामिल हैं। यूपी सरकार ने जो नया आदेश पारित किया है उसके मुताबिक प्रदेश के सभी शहरों के आंतरिक मार्ग, जो मार्ग राज्यमार्ग की श्रेणी में हैं और जिनके आसपास बाईपास मौजूद है उन राज्यमार्गों के शहरी हिस्से को अन्य जिला मार्ग और उन शहरों के बाईपास को राज्यमार्ग घोषित किया गया।

योगी सरकार की तरफ से किये गए इस बदलाव को बाद तकरीबन 550 शराब की दुकानों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर नहीं पड़ा। महाराष्ट्र में भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ इसी तरह की तैयारी की जा रही है। शराब की दुकानों को बचाने के लिए इस तरीके को पश्चिम बंगाल में भी अपनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला हाईवे से 500 मीटर की परिधि में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा है। इसलिए राज्य या राष्ट्रीय राजमार्गों को डिनोटिफाई करने से वहां शराब की बिक्री जारी रह सकेगी।

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