सऊदी अरब ने दे दी अमेरिका को धमकी

सऊदी अरब ने दे दी अमेरिका को धमकी

अमेरिका में हुए 9/11 के आतंकी हमले में सऊदी अरब का नाम आने की सुगबुगाहट के बाद सऊदी अरब ने सीधे-सीधे अमेरिका को चुनौती दे दी है। सऊदी अरब ने अपनी धमकी में किसी हमले की चुनौती नहीं दी है बल्की अपनी इस लड़ाई को आर्थिक तौर पर लड़ने की धमकी दी है। दरअसल अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है। जिसके मुताबिक 9/11 को हुए आतंकी हमले में अमेरिका सऊदी अरब को भी दोषी ठहराना चाहता है। इसकी भनक सऊदी अरब को लग गई। जिसके बाद उसने सीधे तौर पर अमेरिका को आगाह किया है कि अगर उसे 9/11 के आतंकी हमले में दोषी ठहराया जाता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक अमेरिकी अखबार में छपी खबर के मुताबिक अमेरिकी सऊदी अरब ने कहा है कि अगर अमेरिकी संसद ने अमेरिका में म जूद उसकी संपत्ति को जब्त करने की कोशिश करेगी तो वह उससे पहले ही अपनी संपत्ति बेच देगा। एक आकलन के मुताबिक यह संपत्ति तकरीबन 750 अरब डॉलर की है। इस धमकी के बाद ओबामा प्रशासन इस कोशिश में है कि किसी तरह से उस प्रस्ताव को पारित होने से रोका जाए। डर सऊदी अरब को इस बात का है कि अमेरिका अपने यहां उसकी संपत्ति जब्त न कर ले। इस धमकी के बाद ओबामा प्रशासन और सऊदी अधिकारियों के बीच बात भी हुई है। वहीं अर्थशास्त्र के जानकारों का मानना है कि अमेरिका में संपत्ति बेचना सऊदी अरब के लिए आसान नहीं होगा। क्योंकि इससे उसकी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा। लेकिन भागते भूत की लंगोट भली वाली कहावत यहां फिट बैठती है। यानि सऊदी अरब को जब्त होने से पहले उसे बेचने में ज्यादा फायदा होगा। लेकिन इतना तय है कि अगर अमेरिका अपने रुख पर कायम रहता है तो ये दोनों के बीच तनाव और टकराव का एक कारण जरुर बन जाएगा। यही वजह है कि ओबामा प्रशासन, पेंटागन और विदेश विभाग ने सासंदों को कहा है कि अगर इस तरह का बिल पारित होता है तो सऊदी अरब के साथ केवल राजनयिक संबंध ही नहीं बिगड़ेंगे बल्कि इसका असर आर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। सऊदी अरब के विदेश मंत्री अब्देल अल जुबेर ने पिछले महीने अमेरिकी दौरे के दौरान अपनी चेतावनी और नाराजगी अमेरिका के सामने जाहिर की थी।

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