ऑपरेशन संकटमोचन से सूडान में फंसे भारतीयों की वतन वापसी

दक्षिण सूडान से ऑपरेशन संकटमोचन के तहत पहली खेप में 156 भारतीयों को स्वदेश वापस लाया गया। शुक्रवार सुबह चार बजे सूडान से पहली प्लाइट 4.30 बजे त्रिवेद्रम पहुंची। साढ़े दस बजे C 17 ग्लोबमास्टर दिल्ली पहुंचा। संकट मोचन ऑपरेशन में इसी C 17 ग्लोबमास्टर विमान का इस्तेमाल किया गया। पहली खेप में जिन 156 लोगों की वतन वापसी हुई है उनमें 2 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। पहली फ्लाइट में 10 महिलाएं और 3 बच्चे भी शामिल हैं। विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह भी उनके साथ थे।

दक्षिण सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच फंसे भारतीयों के लिए ऑपरेशन संकटमोचन किसी संजीवनी से कम नहीं है। सूडान में सेना और विद्रोहियों के बीच लड़ाई खतरनाक मोड़ ले चुका है। किसी को नहीं पता कि अगले पल क्या होगा। इसी हालात में सैंकड़ों भारतीय भी दक्षिण सूडान में फंसे हुए थे। उन्हें वहां से बाहर निकालने के लिए विदेश मंत्रालय ने उन्हें एयरलिप्ट कराने का फैसला किया। इसे ऑपरेशन संकटमोचन नाम दिया गया। विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह को ऑपरेशन संकट मोचन की जिम्मेदारी सौंपी गई। वीके सिंह खुद भारतीय विमान के साथ दक्षिण सूडान गए थे। ये पूरा ऑपरेशन उनकी निगरानी में पूरा किया गया। दक्षिण सूडान के जूबा शहर के अलग अलग हिस्सों में सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक सूडान में 600 के करीब भारतीय हैं। इममें से 450 जूबा में और 150 दूसरी जगहों पर हैं।
-Sankat Mochan Mission South Sudan

Loading...

Leave a Reply