दिल्ली में हार के बाद AAP में लगी आज इस्तीफों की झड़ी

नई दिल्ली: दिल्ली में MCD चुनाव में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी सदमे में है। पार्टी को जनता के फैसले पर यकीन हो रहा है। उस हार के बाद अब पार्टी में इस्तीफों का दौर चल पड़ा है। गुरुवार को पार्टी के पंजाब चुनाव के प्रभारी संजय सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। संजय सिंह के बाद दिल्ली प्रदेश के प्रभारी आशीष तलवार ने भी MCD चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है।

पंजाब में आम आदमी पार्टी के सह प्रभारी रहे दुर्गेश पाठक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दुर्गेश पाठक ने ट्वीटर पर अपने इस्तीफे के बारे में बताया। उन्होंने लिखा मैंने आप के पंजाब सह प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया है। देश को बेहतर बनाने के लिए मैं पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर निरंतर कार्य करता रहूंगा।

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बुधवार को जब दिल्ली MCD चुनाव के नतीजे आए तो उसके ठीक बाद चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने विधायक समेत पार्टी के तमाम पदों से इस्तीफा दे दिया था। अलका लांबा ने कहा था कि चांदनी चौक के तीनों वार्ड में पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया है।

बुधवार को ही शाम के वक्त दिल्ली चुनाव प्रभारी और दिल्ली इकाई के अध्यक्ष दिलीप पांडे ने भी MCD चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। दिलीप पांडे ने इस्तीफे की जानकारी देते हुए ट्वीट पर लिखा था मैंने आप के दिल्ली संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया है। और इसकी जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को देते हुए यह जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का अनुरोध किया है।

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इस्तीफों का जो दौर आम आदमी पार्टी में चला है वो उस हार के बाद शुरु हुआ है जिसमें पंजाब, गोवा और दिल्ली में पार्टी की करारी हार हुई। पंजाब चुनाव के दौरान वहां के पार्टी प्रभारी संजय सिंह पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगा था। सह प्रभारी रहे दुर्गेश पाठक पर भी पैसे लेकर टिकट देने के आरोप लगे थे। इनपर कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने के भी आरोप लगे थे।

करारी हार के बाद जिन नेताओं ने इस्तीफा दिया है वो सभी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी हैं। पार्टी के हर फैसले में ये शामिल रहे हैं। और किसी भी बड़े फैसले से पहले इनकी राय जरुर ली जाती थी। लेकिन जिस तरह से इनके इस्तीफे का सिलसिला शुरु हुआ है उसके बाद सवाल ये उठने लगे हैं कि पार्टी की खोई साख दोबारा हासिल करने के लिए क्या अब केजरीवाल नई टीम बनाने पर विचार कर रहे हैं। केजरीवाल ने दिल्ली के सभी आप विधायकों की बैठक भी अपने घर पर बुलाई है। जिसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि पार्टी में लोगों का विश्वास दोबारा कायम करने के लिए क्या किया जाए।

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