अमेठी-रायबरेली की 8 सीट कांग्रेस को दी गई लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ




लखनऊ: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच यूपी विधानसभा चुनाव में गठबंधन तो हो गया। लेकिन अमेठी और रायबरेली की सीट को लेकर दोनों के बीच कड़वाहट आ गई। जिसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेठी रायबरेली की 10 में से 8 सीटें कांग्रेस को दे दी। लेकिन इससे विवाद खत्म हो गया ऐसा नहीं कहा जा सकता। क्योंकि असली पेंच अमेठी की सीट को लेकर अभी भी फंसा हुआ है।

समाजवादी पार्टी ने अमेठी से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को उम्मीदवार बनाया है। और उनका नाम वापस नहीं लेना चाहती। जबकि कांग्रेस की तरफ से अमिता सिंह अमेठी सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं। अमिता सिंह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की पत्नी हैं। और अमेठी सीट से चुनाव लड़ने के लिए वो अपनी दावेदारी पेश कर चुकी हैं। यहां परेशानी ये है कि कांग्रेस उन्हें इनकार भी नहीं कर सकती और समाजवादी पार्टी अमेठी सीट छोड़ना नहीं चाहती।

अमेठी के अलावे एक और सीट डलमउ समाजवादी पार्टी ने अपने पास रखी है। शुरुआत में कांग्रेस अमेठी रायबरेली की सभी 10 सीट मांग रही थी। जिसके बाद 8 और 2 का फॉर्मूला निकाला गया। जिसमें 8 सीटें कांग्रेस को दी गई और 2 सीट समाजवादी पार्टी ने अपने पास रख ली।

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