रियो में इस धावक की उम्मीद खत्म हो गई थी लेकिन तभी हुआ चमत्कार और…

कहते हैं जिंदगी में दूसरा मौका कब मिल जाए या फिर खत्म हो चुकी उम्मीद कब दोबारा जवां हो जाए इसके बारे में कोई नहीं बता सकता। रियो ओलंपिक 2016 में इथोपिया की धावक इतनेश डिरो के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में डिरो ने आखिर के 800 मीटर की दौड़ बगैर जूतों के ही पूरी की। उनकी इस कोशिश की वजह से उन्हें इस स्पर्धा के फाइनल में शामिल होने का मौका दिया गया।

3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में डिरो प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। उन्होंने दौड़ की शुरुआत भी अच्छी की। लेकिन आखिरी क्षण में किस्मत दगा दे गई। साथी खिलाड़ी की गलती की वजह से डिरो के एक पैर का जूता खुल गया। उन्होंने कोशिश की उसे दोबारा पहनने की। लेकिन वक्त हाथ से निकलता जा रहा था और वो रेस में पिछड़ रही थी। आखिरकार उन्होंने खाली पैर ही दौड़ने का फैसला किया।

इस स्पर्धा में शुरुआत के तीन स्थान पर आनेवाले खिलाड़ी ही फाइनल में एंट्री के योग्य थे और डिरो को इस रेस में सातवां स्थान मिला था। अंतिम रेखा पार करने के बाद थकी हारी और फाइनल में न पहुंचने की निराशा की वजह से डिरो मैदान पर ही गिर पड़ी। उन्हें लगा अब सबकुछ खत्म हो चुका है। लेकिन इथोपिया, आयरलैंड और जमैका की टीमों की तरफ से जताए गए विरोध को देखते हुए डिरो और आयरलैंड की सारा ट्रेसे और जमैका की आइशा प्रॉट को फाइनल में जाने की इजाजत मिली। सोमवार को होने वाले फाइनल प्रतिस्पर्धा में की वह प्रबल दावेदार होंगी।

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