बेटा स्वास्थ्य मंत्री तो लालू के लिए डॉक्टरों की स्पेशल ड्यूटी, जनता की फिक्र किसे है

पटना: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस यानि IGIMS के तीन सीनियर डॉक्टर और दो नर्स की तेज प्रताप के सरकारी आवास पर लगाई गई स्पेशल ड्यूटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यही नहीं लालू पर सरकारी खर्च से अपना इलाज कराने के आरोप भी लगे हैं। इन डॉक्टरों की ड्यूटी लालू का इलाज करने के लिए लगाई गई थी।

पिछले दिनों लालू की तबीयत खराब हो गई थी। जिसके बाद IGIMS के तीन डॉक्टर

डॉ. प्रो. नरेश कुमार, विभागाध्यक्ष, समान्य औषधी

डॉ. कृष्ण गोपाल, अपर चिकित्सा अधीक्षक

डॉ. अमन कुमार, उप चिकित्सा अधीक्षक

अनील सैनी (स्टाफ नर्स)- सीसीयू

विक्रम चारणू (स्टाफ नर्स)- न्यूरो ओटी

की ड्यूटी लालू के लिए लगाई गई। डॉक्टरों की इस टीम की ड्यूटी 31 मई से 8 जून तक के लिए लगाई गई थी। ये ड्यूटी बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव के आदेश पर उनके सरकारी आवास पर लगाई गई थी।

आरोप ये लगाए जा रहे हैं कि सरकार खर्च पर इस तरह से घर पर डॉक्टरों की टीम को बुलाकर इलाज कराना गलत है। इस मामले में IGIMS के डॉक्टर पीके सिन्हा ने कहा डायरेक्टर के कहने पर डॉक्टरों की ड्यूटू लगाई गई थी। लालू यादव के लिए नहीं लगाई गई थी।

बिहार बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने कहा इस मामले में राज्य के सीएम नीतीश कुमार को अपने स्वास्थ्य मंत्री को डांट लगानी चाहिए। और उनसे ये पूछा जाना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों किया गया। सुशील मोदी ने ये भी कहा कि अगर उनकी (लालू) तबीयत इतनी ही खराब थी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करवाना चाहिए था।

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