1984 सिख दंगों की 75 फाइल दोबारा खोलेगी SIT

SIT 1984 के सिख विरोधी दंगे की 75 फाइलों को दोबारा खोलेगी। केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद सिख दंगे की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था। अपनी जांच में SIT ने पाया है कि इन फाइलों को सबूतों और गवाहों की कमी की वजह से बंद कर दिया गया था। इन फाइलों से जुड़ी सच्चाई सामने लाने के लिए SIT जल्द विज्ञापन जारी कर पीड़ितों और गवाहों से जांच में शामिल होने की अपील करेगी। इसके पीछे एक वजह ये भी है कि माना ये जा रहा है कि हो सकता है डर या धमकी की वजह से कई लोग उस वक्त सामने नहीं आए होंगे। जिसके चलते इन फाइलों को बंद करना पड़ा।

1984 के सिख दंगों में 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। जिनमें से केवल दिल्ली में ही 2733 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। सिख दंगों के मामले में 237 केस दर्ज किये गए थे।

1984 के सिख दंगे से जुड़ी 75 फाइलों को दोबारा खोलने की बात तब हो रही है जब की पंजाब में विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव था तब केंद्र सरकार ने इस मामले में SIT का गठन किया था। अब पंजाब चुनाव से पहले एसआईटी ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल सिख दंगे में कई कांग्रेसी नेता के नाम भी सामने आ चुके हैं। जिस वजह से कांग्रेस हमेशा से इस मामले से खुद को दूर रखना चाहती है। लेकिन फाइलों को दोबारा खोलने की जो टाइमिंग तय की गई है उसे देखने के बाद ये कहा जा सकता है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में 1984 के सिख दंगे का जिक्र भी सियासी नफा नुकसान के लिए किया जाएगा।

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