मसूद अजहर के खिलाफ जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस

मसूद अजहर के खिलाफ जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। पठानकोट हमले की जांच कर रही NIA ने सीबीआई की तरफ से इंटरपोल से मसूद अजहर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की थी। जिसके बाद ये नोटिस जारी हुआ। इंटरपोल ने मसूद अजहर के साथ साथ उसके भाई अब्दुल रउफ, मसूद अजहर के करीबी काशिम जान, शाहिद लतीफ के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।

मसूद अजहर पठानकोट एयर बेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। लेकिन हमले के बाद से ही वो फरार चल रहा है। हलांकी ये भी एक सत्य है कि जब मसूद अजहर कहीं नहीं दिखाई देता है तो वो पाकिस्तान में मौजूद होता है। पठानकोट हमले की जांच कर रही एनआईए ने सीबीआई के जरिये इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की अपील की थी। जिसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल से संपर्क साधा और मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई के लिए इंटरपोल तैयार हुआ।

पठानकोट हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर मसूद अजहर कि गिरफ्तारी के लिए दबाव भी बनाया था। लेकिन उसका कोई असर पाकिस्तान पर नहीं हुआ। जिसके बाद दोनों देशों के बीच होनेवाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द हो गई। पठानकोट हमले की जांच के लिए दोनों देशों के बीच एक संयुक्त जांच दल यानि JIT भी गठन किया गया है। पाकिस्तान की तरफ से जांच दल पठानकोट भी आया चुका है।

पिछले दिनों भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। लेकिन तब चीन ने भारत की उस अर्जी पर अड़ंगा लगा दिया । भारत की मांग के खिलाफ और मसूद अजहर से हमदर्दी दिखाने के लिए चीन ने संयुक्त राष्ट्र में वीटो पावर का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद भारत की वो कोशिश नाकाम हो गई।

पठानकोट हमले में वो आतंकी भी शामिल था जिसे यूपीए सरकार ने 2010 में इसलिए रिहा किया था ताकि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधर सकें। इंटरपोल ने आतंकी शाहिद के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। शाहिद ही पठानकोट हमले में फिदायीन आतंकी को निर्देश दे रहा था। शाहिद उन 25  आतंकियों में शामिल था जिन्हें 2010 में यूपीए सरकार ने पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के लिए रिहा कर दिया था। पठानकोट हमले का फिदायिन हैंडलर शाहिद 11 सालों तक भारत की जेलों में बंद रह चुका था।

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