रेप पीड़ित महिला के साथ RCW सदस्य की सेल्फी, छोड़नी पड़ी कुर्सी

राजस्थान महिला आयोग RCW की सदस्य सौम्या गुर्जर ने ऐसा कोई काम नहीं किया था जिसके बदले वो सेल्फी लेने के लिए उतनी उतावली हो गई थी। सौम्या गुर्जर को सेल्फी के मर्ज ने इस कदर बीमार कर दिया था कि उन्हें न मौके का ध्यान रहा, न हालात का खयाल रहा और न ही बगल में बैठे इंसान रुपी शरीर में छलनी आत्मा को ढो रही उस महिला का जिसके माथे पर दहेज न देने पर पति ने लिख दिया था ‘मेरा बाप चोर’। इन सब हालात और अपनी जिम्मेदारी से बेखबर होकर सौम्या गुर्जर सेल्फी लेने के दस्तूर को निभा रही थी। अलग अलग एंगल से सेल्फी ली गई। चेहरे पर हर तरह की भाव भंगिमा बनाई सौम्या गुर्जर ने। मुस्कान ऐसी थी उनके चेहरे पर, जो ये बता रही थी कि महिला आयोग की सदस्य रेप जैसे संगीन मामलों पर कितनी गंभीर होती है।

सौम्या गुर्जर और चीफ सुमन शर्मा की रेप पीड़िता के साथ सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हर तरफ से सवाल ये पूछे जा रहे थे कि आखिर सेल्फी किस मौके पर ली जा रही थी। अब आप भी जान लीजिये कि सौम्या गुर्जर ने कब और किसके साथ ली सेल्फी ?

जयपुर के महिला थाने में जिस जगह सेल्फी को सौगात बनाकर बांट रही थीं सौम्या गुर्जर तब वहां एक महिला अपने साथ हुई उस दरिंदगी की व्यथा सुनाने और अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए महिला आयाग से मदद मांगने आई थी। लेकिन उसे पता न था कि वहां शिकायत बाद में सुनी जाती है पहले सेल्फी लेने का दस्तूर निभाया जाता है। सेल्फी पर जब सवाल पूछे जाने लगे तो आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा पीड़िता को सामान्य करने के लिए किया गया होगा। ये जवाब आयोग की अध्यक्ष उसी सुमन शर्मा का है जो उस सेल्फी में मस्कुरा रही थी।

जिस महिला की व्यथा सुनने की जगह जयपुर के महिला थाने में राजस्थान महिला आयोग की सदस्य से लेकर अध्यक्ष तक सेल्फी में अपनी हंसी को रोक नहीं पा रही थीं उस पीड़ित महिला ने अलवर से लेकर जयपुर पुलिस तक के चक्कर लगाए लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। आखिरकार अदालत के निर्देश पर आमेर थाने में मामला दर्ज हुआ। पीड़ित महिला का कहना है कि उसके पिता ने 51 हजार रुपये दहेज के नहीं दिये थे। महिला का आरोप है कि दहेज नहीं देने की वजह से उसके पति ने मशीन से उसके माथे पर गोद कर लिख दिया था ‘मेरा बाप चोर’। इतने पर नहीं रुका उस पीड़ित महिला का पति। महिला के हाथ और शरीर के दूसरे अंगों पर गालियां गुदवा दी थी। महिला ने अपने आरोप में कहा है कि जेठ और ससुर ने उसके साथ रेप भी किया। 10 दिन पहले महिला के साथ ये सबकुछ हुआ लेकिन इन 10 दिनों में महिला अलवर की पुलिस से लेकर जयपुर की पुलिस तक अपनी फरियाद की दास्तां लेकर घूमती रही। लेकिन महारानी के राज में उनकी पत्थर हो चुकी पुलिस के पास इस महिला की फरियाद सुनने का वक्त नहीं था। आखिरकार अदालत की तरफ से निर्देश दिया गया तब जाकर आमेर थाने में मामला दर्ज हुआ है।

सेल्फी जब विवाद बन गई तो राजस्थान महिला आयोग की सदस्य सौम्या गुर्जर ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन रेप पीड़ित महिला की ये दुर्गती उस राज्य में हो रही है जहां की मुख्यमंत्री महिला हैं, उस महिला मुख्यमंत्री के राज में महिला आयोग की सदस्य और अध्यक्ष रेप पीड़ित महिला के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त रहती हैं। और इंसाफ के लिए आई महिला सोचती है वो वसुंधरा राजे सिंधिया के राज में जी रही है या ISIS के कब्जे वाले सीरिया में ?
-Rajasthan State Commission for Woman, Soumya Gujjar

Loading...

Leave a Reply