इसी गुमनाम चिट्ठी ने राम रहीम को बलात्कारी साबित किया, पढ़कर हिल जाएंगे आप

नई दिल्ली:  हरियाणा पंजाब में अपने करोड़ों का साम्राज्य चला रहा ढोंगी राम रहीम की असलियत दुनिया के सामने नहीं आती अगर उस गुमनाम साध्वी ने हिम्मत नहीं की होती उसी गुमनाम चिट्ठी से सिरसा में राम रहीम के गुफा का सच बाहर निकला और अदालत में ये साबित हुआ राम रहीम एक बलात्कारी है। साध्वी ने अपने खत में कुछ लिखा है उसे पढ़कर किस का भी मन दुखी हो जाएगा।

एबीपी न्यूज की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक साध्वी ने लिखा था

मैं पंजाब की रहनेवाली वाली हूं और अब पांच साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा में साधु लड़की के रूप में कार्य कर रही हूं। सैकड़ों लड़कियां भी डेरे में 16 से 18 घंटे सेवा करती हूं। हमारा यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साधु बनने के दो साल बाद एक दिन महाराज ने गुफा में बुलाया। मैं बहुत खुश थी। यह जानकर कि आज खुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है। गुफा में ऊपर जाकर जब मैंने देखा महाराज बेड पर बैठे थे। हाथ में रिमोट था। सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही थी। बेड पर सिरहाने रिवॉल्वर रखा था।

महाराज ने टीवी बंद किया और मुझे साथ बिठाकर पानी पिलाया। और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है। मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि कोई शक नहीं हम ही खुदा हैं। जब मैंने पूछा कि क्य यह खुदा का काम है, तो उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान थे, उनके यहां 360 गोपियां थीं। जिनसे वो हर रोज प्रेम लीला करते थे। फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं।

हम चाहें तो तुम्हें मरवा सकते हैं और तुम्हारा दाह संस्कार करवा सकते हैं और तुम्हारा दाह संस्कार करवा सकते हैं। हमारी सरकार में बहुत चलती है। हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री हमारे चरण छूते हैं। हमसे पैसे लेते हैं। हम तुम्हारे परिवार से नौकरी लगे सदस्यों को बर्खास्त करवा सकते हैं। परिवार के सभी सदस्यों को मरवा देंगे और सबूत भी नहीं छोड़ेंगे।

हमें सफेद कपड़े पहनना, सिर पर चुन्नी रखना, किसी आदमी की तरफ आंख उठाकर नहीं देखना, आदमी से पांच-दस फुट की दूरी पर रहना महाराज का आदेश है। हम दिखाने में देवी हैं मगर हमारी हालत वेश्या जैसी है। अगर मैं अपना नाम लिखूंगी तो इन सब लड़कियों के साथ-साथ मुझे भी मेरे परिवार के साथ मार दिया जाएगा। अत: आपसे अनुरोध है कि हमारा डॉक्टरी मुआयना किया जाए ताकि हमारे अभिभावकों को व आपको पता चल जाएगा कि हम कुमारी देवी साधु हैं या नहीं। अगर नहीं तो किसके द्वारा बर्बाद हुई हैं।

उस गुमनाम साध्वी ने 13 मई 2002 को ये चिट्ठी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखी थी। साथ ही ये खत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास पहुंचा था। जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस गुमनाम खत पर स्वत: संज्ञान लिया था। और जांच सीबीआई को सौंपी गई। उसी 15 साल पुराने उस खत पर सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया और गुरमीत राम रहीम बलात्कारी साबित हुआ।

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