राज्यसभा चुनाव में योगी और शाह की इस रणनीति ने विरोधियों का खेल बिगाड़ दिया

लखनऊ:  राज्य सभा चुनाव में शुक्रवार का दिन सुबह से लेकर देर रात तक सरगर्मी के बीच बीतता रहा। वोटिंग प्रक्रिया की शुरुआत से लेकर अंतिम नतीजे आने तक बीजेपी इसी कोशिश में थी कि किसी तरह अपने 9वं उम्मीदवार अनिल अग्रवाल को राज्य सभा पहुंचाए। क्योंकि यूपी की 10 राज्यसभा सीटों में से 8 सीट पर तो बीजेपी उम्मीदवारों की जीत तय था। लड़ाई 9वें सीट के लिए हो रही थी।

बीजेपी की रणनीति के सामने सपा-बसपा गठबंधन फेल हो गया और बीजेपी अपने 9वें उम्मीदवार अनिल अग्रवाल को जिताने में कामयाब रही। अनिल अग्रवाल को 33 जबकि भीमराव अंबेडकर को 32 सीट मिले। लेकिन इस जीत के लिए शुक्रवार सुबह से ही योगी से लेकर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह तक ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी।

यूपी में राज्यसभा चुनाव में सप-बसपा गठबंधन को तब बड़ा झटका लगा जब उनके दो विधायक वोटिंग नहीं कर सके। दरअसल उनके ये दोनों विधायक जेल में बंद हैं। और जेब में बंद विधायकों को कोर्ट से वोटिंग की इजाजत नहीं मिली। सपा विधायक हरिओम यादव और बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी को वोटिंग की इजाजत नहीं मिली। ये बात बीजेपी के लिए तो राहत वाली साबित हुई लेकिन गठबंधन के लिए सिरदर्द बन गई। और यहां से उनकी हार की पटकथा लिखी जाने लगी।

क्रॉस वोटिंग की मार बीजेपी पर भी पड़ी। लेकिन पार्टी ने वक्त रहते इसकी भरपाई कर ली। बीजेपी की सहयोगी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक कैलाश नाथ सोनकर ने क्रॉस वोटिंग की। लेकिन इस एक वोट की जगह बीजेपी ने सूद समेत विपक्षी खेमे दो विधायकों नितिन अग्रवाल और अनिल सिंह के वोट अपने पक्ष में डलवा लिये। बीएसपी के सतीश मिश्रा के मुताबिक बीएसपी के एक और विधायक ने बीजेपी के पक्ष में वोटिंग की। चुनाव समाप्ति के बाद सतीष मिश्रा ने कहा कि उनके दो विधायकों को बीजेपी ने अगवा कर लिया।

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