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5 दिन की CBI रिमांड में Kejriwal के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार

5 दिन की CBI रिमांड में Kejriwal के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार

सीएम अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को पांच दिन की CBI रिमांड में भेज दिया गया है। CBI ने राजेंद्र कुमार की 10 दिनों की रिमांड मांगी थी। सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। राजेंद्र कुमार पर 50 करोड़ के कंप्यूटर घोटाला का आरोप है। सीबीआई ने सोमवार को राजेंद्र कुमार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

Rajendra Kumar पर सरकारी ठेके में एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप है। CBI का आरोप है कि Rajendra Kumar ने तकरीबन 50 करोड़ का घोटाला किया है। CBI की जांच में ये बात भी निकल कर सामने आई है कि Rajendra Kumar ने एंडवर नाम की कंपनी को फायदा पहुंचाया। CBI के मुताबिक एंडवर नाम की ये कंपनी Rajendra Kumar की ही कंपनी है। और जिस पद पर Rajendra Kumar रहे वहां कुछ इस तरह से टेंडर निकाले गए कि उसका ठेका एंडवर कंपनी के पास ही गया। CBI जांच में ये बात भी निकलकर सामने आई है कि कई बार बोली लगाने में केवल एंडवर कंपनी ही शामिल हुई। CBI के मुताबिक Rajendra Kumar ने गड़बड़ी की शुरुआत तब की जब शीला दीक्षित दिल्ली की सीएम थी। 2006 में Rajendra Kumar ने इस गड़बड़ी की शुरुआत की।

2006 Rajendra Kumar ने एंडवर कंपनी बनाई। Rajendra Kumar ने मार्च 2007 में ये नियम बनाया कि दिल्ली सरकार कंप्यूटर के हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर जो भी खरीदेगी उसकी खरीद एक कंपनी की तरफ से की जाएगी। इसके बाद दिसंबर 2007 में Rajendra Kumar ने संजीव Kumar को अपना सलाहकार बना लिया। और जो भी ठेका दिया जाता था उसकी डीलिंग संजीव Kumar ही करते था। बाद में इसी संजीव Kumar को एंडवर कंपनी का डारेक्टर बना दिया। CBI के मुताबिक सरकारी ठेकों में ये गड़बड़ी 2006 से लेकर 2014 तक चलता रहा। जबकि दिल्ली में Kejriwal की 49 दिनों की सरकार बनी थी। यानि कहा जा सकता है कि ये गड़बड़ी दो सरकारों के कार्यकाल में की गई।

-Arvind Kejriwal,Rajendra Kumar

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