राजस्थान में बस ड्राइवर बनी दुल्हन की ससुराल में लगी ड्यूटी, Video

नीरज झा
राजस्थान:  एक बेटी जब दुल्हन बनी तो मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना के साथ ससुराल में कदम रखा। सोच ये थी कि अपने वजूद की तलाश घर की चार दीवारी के बाहर भी करेगी। दुल्हन के इरादे नेक थे इसलिए घरवालों ने भी ख्वाब को हकीकत में बदलने में साथ दिया। माथे का घूंघट तो अपनी जगह कायम रहा लेकिन हाथ ने रसोई के बर्तनों की जगह बस की स्टेयरिंग थाम ली। ये दुल्हन राजस्थान में बस चलाती है। और अब इनकी ड्यूटी इनके ससुराल में लगी है। जिस ससुराल में ये कभी डोली में बैठकर आई थीं आज उसी ससुराल की सरहद तक मुसाफिरों को अपनी बस में बिठाकर पहुंचाती हैं।
इस वीडियो के सामने आने के बाद NTI ने राजस्थान परिवहन में बात की। जिसके बाद ये जानकारी निकलकर सामने आई कि राजस्थान पथ परिवहन में कोई भी महिला बस चालक नहीं है। यानि ये महिला जिस बस को चला रही है वो किसी प्राइवेट बस ऑपरेटर की बस है।
जिस मजबूती से इन्होंने 6 चक्कों पर चलनेवाली इस बस को कंट्रोल किया है वो ये बताने के लिए काफी है कि महिला किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं हैं। सोशल मीडिया में ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दुल्हन के इस बस की रफ्तार और इस वीडियो के वायरल होने की रफ्तार शायद एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं।
महिला घाघरा पहने हुए माथे पर घूंघट लेकर बस की स्टीयरिंग थाम ड्राइवर सीट पर बैठी हुई हैं। जहां जरूरत है वहां पर वो हॉर्न बजाकर आनेजाने वालों को सचेत भी कर रही हैं। शायद ये संदेश देने की कोशिश है कि आत्मविश्वास की कमी नहीं है बस एक मौका मिलना चाहिए अपने इरादों की मजबूती साबित करने के लिए वो हर वक्त तैयार हैं।
राजस्थान में बस चला रही इस महिला ड्राइवर की ससुराल में ड्यूटी लग गई। ये बस राजस्थान के मकराणा से बीदासर के बीच चलती है। जो वाया डीडवाना, लाडनूं, कुचामन से होकर गुजरती है। महिला का इस तरह से बस चलाना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक अच्छा उदाहरण है।
विडियो से पता चल रहा है कि वो शादी शुदा है  और अपने पति का अच्छा साथ निभा रही हैं। आमतौर पर बस चालक के सीट पर पुरुष दिखाई देते हैं। लेकिन जिस आत्मविश्वास के साथ ये दुल्हन बस चला रही है उसने ये जरुर बता दिया है कि नारी अबला नहीं बल्कि एक शक्ति है। जरुरत उनके प्रति अपनी सोच को बदलने की है।
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