रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने की इस्तीफे की पेशकश

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने की इस्तीफे की पेशकश

नई दिल्ली:  पिछले दो दिनों में दो रेल हादसे होने के मामले में साफ तौर पर रेलवे की लापरवाही सामने आई है। जिसके बाद रेलवे के काम पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीटर पर जानकारी दी है कि रेल हादसों से वो काफी दुखी हैं। उन्होंने लिखा रेलवे को बेहतर बनाने के लिए अपना खून-पसीना दिया। उन्होंने कहा हादसों को लेकर पीएम से मिला जिसमें मैंने हादसों की जिम्मेदारी ली। जिसपर पीएम ने मुझे इंतजार करने को कहा।

सुरेश प्रभु ने एक के बाद एक कई ट्वीट किये। जिसमें उन्होंने लिखा मंत्री रहते हुए मैंने खून पसीने से रेलवे की बेहतरी के लिए काम किया। हाल में हुए हादसों से मैं काफी दुखी हूं। पैसेंजरों की जान जाने, उनके घायल होने से मैं दुखी हूं। पीएम के न्यू इंडिया विजन के तहत पीएम को ऐसे रेलवे की जरुरत है जो सक्षम हो और आधुनिक हो। मैं वादा कर सकता हूं कि हम उसी राह पर हैं। रेलवे आगे बढ़ रहा है। मैंने पीएम मोदी से मुलाकात की। इन हादसों की मैं नैतिक जानकारी लेता हूं। पीएम ने मुझे इंतजार करने को कहा।

सुरेश प्रभु से पहले रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने भी हादसों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। हलांकि जानकारी ये भी सामने आई है कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने की वजह से मित्तल पिछले कुछ दिनों से छुट्टी पर थे। लेकिन बुधवार को रेल भवन मे जरुरी फाइलों पर काम करने के बाद उन्होंने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को अपना इस्तीफा सौंप दिया। मित्तल के इस्तीफे के कुछ देर बाद प्रभु ने भी हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीएम के सामने इस्तीफे की पेशकश कर दी।

पिछले पांच दिनों में 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई थी और 150 लोग घायल हो गए थे। वहीं 23 अगस्त को कैफियत एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। जिसमें 74 लोग घायल हो गए। राहत की बात ये रही कि इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई।

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