यूपी में राहुल बनेंगे कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार ?

यूपी में राहुल बनेंगे कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार ?

  • यूपी में कांग्रेस के लिए क्या है PK प्लान ?
  • प्रियंका और शीला पर भी हो सकता है विचार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरु हो चुकी है। कांग्रेस, बीजेपी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ये वो पार्टियां जो यूपी चुनाव में अपनी रणनीति बनाने में जुट चुकी हैं। कहीं प्रभारी बदले जा रहे हैं तो कहीं ग्रास रुट लेवल पर कार्यकर्ताओं की नई फौज तैयार की जा रही है। यूपी के चुनाव में कांग्रेस उस पार्टी की तरह है जिसके पास मौजूदा वक्त में कुछ खास नहीं है। लेकिन भविष्य में काफी कुछ पाने की इच्छा रखती है कांग्रेस। केवल यूपी जीतने के लिए कांग्रेस अपनी रणनीति पर दिमाग नहीं खपा रही है। पार्टी को यकीन है कि अगर यूपी में कुछ कर गए तो 2019 के लोकसभा चुनाव में काफी कुछ कर जाएंगे।

उसी यूपी में इसबार कांग्रेस के रणनीतिकार बने हैं PK. अगर आप सोच रहे हैं की ये पीके कौन है तो हम आपको बताते हैं। इस PK से फिल्म वाले आमिर खान का कोई रिश्ता नहीं है। दरअसल ये राजनीति की दुनिया का PK है। इनका पूरा नाम है प्रशांत किशोर। ये नाम पहली बार 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद तब चर्चा में आया जब बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की। तब यही प्रशांत किशोर बीजेपी के रणनीतिकार थे। जिनकी मर्जी के बगैर पार्टी एक भी फैसला नहीं करती थी। लोकसभा चुनाव के बाद प्रशांत किशोर बिहार चले गए। जेडीयू और आरजेडी के बीच का गठबंधन भी उसी प्रशांत किशोर के दिमाग की योजना था। रणनीति काम कर गई और लालू-नीतिश गठबंधन ने बिहार जीत ली। लगातार दो बार अपनी रणनीति को साबित कर चुके प्रशांत किशोर अब यूपी में कांग्रेस के लिए रणनीति बना रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पार्टी को सलाह दी है कि वो पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सीएम उम्मीदवार के तौर पर यूपी में प्रोजेक्ट करें। तभी पार्टी का भला हो सकता है। हलांकी प्रशांत किशोर ने राहुल के अलावा भी दो नाम और तय कर रखे हैं। जिनमें राहुल की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का नाम शामिल है। दरअसल इन नामों को सामने रखने के पीछे प्रशांत किशोर का तर्क ये है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को मात देने के लिए जनता के सामने किसी भरोसेमंद नाम को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करना जरुरी है। तभी पार्टी यूपी में बेहतर कर सकती है। इतना ही नहीं कहा ये भी जा रहा है कि PK फॉर्मूले के मुताबिक अगर पार्टी ने फैसले लिये तो यूपी विधानसभा चुनाव में तो पार्टी बेहतर करेगी ही लेकिन उसके बाद 2019 में होनेवाले लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को बेहतर प्रदर्शन करने से कोई रोक नहीं सकता।

वहीं इसपर कांग्रेस असमंजस में है। क्योंकि राहुल गांधी पार्टी के लिए वो चेहरा हैं जिसमें कांग्रेस पीएम की परछाईं देख रही है। उस नाम को यूपी में सीएम उम्मीदवार को तौर पर सामने लाने से पहले पार्टी हजार बार गहन मंथन कर रही है। लेकिन राज्य में पतली हो चुकी हालत को दोबारा बुलंदी पर लाने के लिए कांग्रेस के सामने विकल्प काफी कम हैं। और नेताओं का तो अभाव ही है। ऐसे में अगर पार्टी राहुल पर दांव खेलनी है तो ये उसकी मजबूरी भी है।

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