यूपी में कांग्रेस का ब्राह्मण कार्ड मथुरा में ‘पंडित’ राहुल गांधी के लगे पोस्टर

दिल्ली: सियासत में हर दल ये कहता है कि वो जाति की राजनीति नहीं करती। लेकिन हालात कुछ इस तरह के बनते हैं कि खुद पार्टी के नेता ही ये भी बता देते हैं कि जाति की राजनीति उनकी रणनीति का हिस्सा है। ये अलग बात है कि इस सच्चाई को कोई स्वीकार नहीं करता।

यूपी में भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। जहां कांग्रेस एक खास रणनीति के तहत अपनी चुनावी तैयारी को अमल में ला रही है। मथुरा में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पंडित राहुल गांधी बताया गया है। अनजाने में या गलती से ऐसा नहीं हुआ है। इसके पीछे भी कांग्रेस की रणनीति है।

इसबार कांग्रेस यूपी में ब्राह्मण वोटबैंक को अपनी तरफ खींचने में लगी है। यही वजह है कि पहले सीएम उम्मीदवार के लिए ब्राह्मण चेहरे को चुना गया। फिर आर्थिक तौर से पिछड़े अगड़ों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की बात कही गई जिसमें ब्राह्मण भी शामिल हैं। और अब मथुरा में राहुल गांधी को पंडित बताया जाना इसी तरफ इशारा करता है कि कांग्रेस को इस वोटबैंक की दरकार है।

पार्टी अगर ऐसा सोच रही है तो इसकि एक खास वजह भी है। 1989 में यूपी में एनडी तिवारी कांग्रेस की तरफ से आखिरी ब्राह्मण सीएम थे। उसके बाद यूपी में अलग अलग पार्टी की सरकार रही। लेकिन एक भी ब्राह्मण सीएम नहीं रहा। इसलिए इसबार कांग्रेस अपने ब्राह्मण कार्ड पर भरोसा जता रही है। इसी सोच के साथ कांग्रेस नेता उमेश पंडित ने पोस्टर में राहुल के नाम के आगे पंडित राहुल गांधी लिखवा दिया। यानि कांग्रेस के ऊपरी स्तर के नेताओं से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ता मान रहे हैं कि ब्राह्मण कार्ड पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

-UP Election, Rahul Gandhi, Congress Party

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