POK में आतंकी कैंप के खिलाफ तेज हुआ प्रदर्शन, नवाज से नराज जनता

दिल्ली: पाकिस्तानी सरकार हमेशा से ये कहती रही है कि उसके यहां आतंकी कैंप नहीं है, आतंकियों को वो पनाह नहीं देते, वो खुद आतंक से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। लेकिन पाकिस्तान का ये झूठ खुद ब खुद बेनकाब हो रहा है। पाक अधिकृत कश्मीर में हजारों की तादाद में लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने निकले। उनका प्रदर्शन POK में चल रहे आतंकी कैंपों के खिलाफ था।

इन लोगों का कहना था कि POK के मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर, गिलगिट, दायमर और नीलम घाटी में चल रहे आतंकी शिविरों की वजह से उनकी जिंदगी बदतर हो गई है। लोगों का आरोप है कि इन आतंकी शिविरों की वजह से वो नर्क में जीने को मजबूर हैं।

गिलगित के एक स्थानीय निवासी ने कहा अगर प्रशासन तालिबानी आतंकी शिविरों को खत्म नहीं करता है तो हम खुद कार्रवाई करेंगे। इनके मुताबिक यमर, गिलगित, बासीन समेत कई इलाके ऐसे हैं जहां आतंकी शिविर होने की वजह से वहां आम लोगों के जाने पर मनाही है। पीओके के मुजफ्फराबाद के एक स्थानीय नेता के मुताबिक प्रतिबंधित संगठनों और आतंकी शिविरों को यहां खाना और राशन मुहैया कराया जाता है। हम इसकी निंदा करते हैं।

पाकिस्तानी सरकार एक बार फिर बेनकाब हुई है। वहीं भारत के उस दावे को मजबूती मिली है, जिसमें वो हमेशा से कहता आया है कि पीओके में आतंकी कैंप पाकिस्तानी सेना और सरकार की मदद से चलाए जा रहे हैं। पीओके में 2 अक्टूबर को भी स्थानीय लोगों ने पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया था। मुजफ्फराबाद में ऑल पार्टी नेशनल अलायंस के अनुमान के मुताबिक आईएसआई ने पिछले दो सालों में 100 से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या करवाई है।
-All parties national alliance

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