गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान का जोरदार विरोध, भारत से दखल की मांग

गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान का जोरदार विरोध, भारत से दखल की मांग

सरहद पार गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध जोर पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान से आजादी और अपने नेता बाबा जान की रिहाई की मांग कर रहे हैं। बाबा जान को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 40 साल कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पाकिस्तानी पुलिस और सेना ने प्रदर्शन में शामिल 500 लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

पाकिस्तान के दमन से परेशान बलूचिस्तान के लोगों ने भारत से इस मामले में दखल की मांग की है। बलूच नेता बलाच पुरदली ने कहा है कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। और उसे पाक अधिकृत कश्मीर में दखल देना चाहिए। पुरदली ने भारत से बाल्टिस्तान में पाकिस्तानी दमन का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा अगर पाकिस्तान कश्मीरी नेता से मिल सकते हैं तो भारत क्यों नहीं।

यहां मानवाधिकार का हनन और पाकिस्तानी सैनिकों की ज्यादती की वजह से लोग पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं। दरअसल पाक अधिकृत कश्मीर वो इलाका है जहां 1947 से लेकर आज तक कभी भी पूरी तरह से पाकिस्तान का नियंत्रण नहीं रहा। यहां कबीलाई शासन चलता है। लेकिन अब पाकिस्तानी सरकार पूरी तरह से इस इलाके को अपने अधीन करने की कोशिश कर रही है। लेकिन वहां के स्थानीय लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं। वो पाकिस्तान से आदाजी की मांग कर रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान उनकी मांग पर बातचीत करने के बदले बंदूक की नोक पर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।

स्थानीय लोग यहां बन रहे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC)का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे केवल चीन और पाकिस्तान के पंजाबी व्यापारियों को ही फायदा होगा। प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए उनसे जबरन जमीन छीनी जा रही है। उसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए उनकी सहमति नहीं ली जा रही है। जानकारी के मुताबिक तीन हजार किलोमीटर लंबे इस CPEC के लिए 40 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च किया जा रहा है। इससे पश्चिमी चीन और दक्षिण पाकिस्तान को सड़क, रेल और पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा।

Loading...

Leave a Reply