गैस चैंबर : दिल्ली में 80 % प्रदूषण का प्रोडक्शन, दूसरे राज्य 20% जिम्मेदार

नई दिल्ली: हफ्ते भर से दिल्ली एक गैस चैंबर बनी हुई है। सरकार सो रही थी और दिल्ली की जनता बेचैन हो रही थी क्योंकि सांस लेने के लिए साफ हवा नहीं मिल रही थी। इस मामले पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने चार राज्यों के पर्यावरण मंत्री के साथ बैठक की। जिसके बाद उन्होंने कहा दिल्ली में जो प्रदूषण हुआ है उसमें 80 फीसदी प्रदूषण के लिए दिल्ली खुद जिम्मेदार है। जबकि 20 फीसदी प्रदूषण पड़ोस के राज्यों से आया।

daveकेंद्रीय मंत्री की ये बात दिल्ली सरकार की उस दलील के बिल्कुल उलट है जिसमें सीएम अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि दिल्ली की इस हालत के लिए पड़ोसी राज्य जिम्मेदार हैं। दिल्ली सरकार की दलील ये थी कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी से पराली जलाने की वजह से जो धुआं होता है वो दिल्ली की तरफ आता है। जिससे दिल्ली की हवा जहरीली हो गई।

इस मामले पर एनजीटी ने दिल्ली और केंद्र सरकार दोनों को फटकार लगाई थी। जिसके बाद दिल्ली सरकार हरकत में आई। रविवार को सीएम अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट की आपात बैठक की और सोमवार से उसपर कार्रवाई शुरु की। दिल्ली की सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरु किया गया है। स्कूल तीन दिन के लिए बंद कर दिये गए हैं। कंस्ट्रक्शन का काम पांच दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सरकार ऑड इवन को दोबारा शुरु करने पर भी विचार कर सकती है।

जो कदम दिल्ली सरकार ने एनजीटी की फटकार के बाद उठाए अगर उसे शुरुआत में ही उठा लिया जाता तो शायद दिल्ली की आबोहवा जहरीली होने से बच जाती। जिस तकलीफ से लोग गुजर रहे हैं वो हालात नहीं बनते। हलांकि दिल्ली में रविवार के मुकाबले प्रदूषण के स्तर में सुधार है। रविवार को जहां प्रदूषण का स्तर 999 को पार कर गया था उसमें अब सुधार दिख रहा है।

जानकारों के मुताबिक प्रदूषण के स्तर में हो रहे सुधार के पीछे की वजह हवा है। उम्मीद ये जताई जा रही है कि अगले दो-चार दिनों में जब हवा और चलेगी तब दिल्ली के ऊपर जमीं धुंध की चादर हटेगी और दिल्ली की हवा भी साफ होगी।

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