राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने विदाई भाषण में याद किये पुराने दिन

नई दिल्ली:  संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की विदाई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन समेत दोनों सदनों के सदस्य मौजूद थे। सोमवार को प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल का आखिरी दिन है। इसी दिन नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

सुमित्रा महाजन ने राष्ट्रपति के विदाई भाषण में प्रणब मुखर्जी के राजनीतिक करियर का बखान किया। महाजन ने उनकी इपलब्धियां भी गिनाई। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी ने हर क्षेत्र में जहां भी वो रहे अपनी अलग छाप छोड़ी है। सुमित्रा महाजन ने राष्ट्रपति को विदाई भाषण की प्रति भेंट की।

उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा आप विश्व के सर्वश्रेष्ठ विदेश मंत्री रहे। साथ ही वित्त मंत्रालय में भी आपका काम सराहनीय रहा।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा स्पीकर और उप राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने संसद के सभी सदस्यों का अभिवादन स्वीकार किया। प्रणब मुखर्जी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा मैं 34 साल की उम्र में पहली बार सांसद के रूप में 22 जुलाई 1969 को राज्य सभा पहुंचा। अपने संसदीय कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, वरिष्ठ बीजेपी सांसद लाल कृष्ण आडवाणी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को याद किया।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों के भाषणों से मैंने सीख ली। प्रणब मुखर्जी ने कहा संसद ने मेरी राजनीतिक दृष्टि को दिशा दी। उन्होंने कहा देश की एकता संविधान का आधार है। उन्होंने ये भी कहा कि पहले संसद में गंभीर चर्चा होती थी।

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