पीएम मोदी की इस स्कीम से जनधन अकाउंट वाले हो जाएंगे मालामाल!

नई दिल्ली:  केंद्र सरकार ने जब 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान किया तो कालाधन जमा कर रखनेवालों ने अपने बचाव का रास्ता भी तलाशना शुरु किया। कालाधन के कुबेरों की उसी खोज में शामिल था जनधन अकाउंट। नोटबंदी के बाद इन जनधन अकाउंट में पैसों की बरसात होनी शुरु हो गई। जिसके बाद सरकार की नजर इस तरह के अकाउंट पर टिक गई है।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रैली में भी प्रधानमंत्री मोदी ने जनधन अकाउंट का जिक्र किया। उन्होंने जनधन खाता धारकों से आग्रह किया कि उनके अकाउंट में जो पैसा जमा है उसे अकाउंट में ही रहने दें उसे निकालें नहीं। मोदी ने कहा मैं दिमाग लगा रहा हूं कि वो पैसा गरीबों के पास रहे। बेईमान जेल जाएंगे और गरीब धनवान होंगे। गरीब के खाते में पैसा डालनेवाले पर नजर है। पीएम मोदी ने कहा जिन लोगों ने अपना कालाधन सफेद करने के लिए गरीबों के जनधन अकाउंट का सहारा लिया है वो बच नहीं पाएंगे। साथ ही सरकार की ये कोशिश है कि उनकी पहचान हो सके उनपर कार्रवाई की जाएगी और जो पैसा उन्होंने गरीबों के खाते में डाले हैं वो गरीबों के हो जाएंगे।

पीएम मोदी ने कहा जबसे नोटबंदी हुई है तबसे कई चेहरों की रंगत उड़ गई है। पहले वो लोग दिनभर मनी –मनी करते थे लेकिन अब दिनभर मोदी-मोदी करते हैं। उन्होंने कहा कि देश भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहता है। मध्यमवर्ग वाले कालाधन नहीं रखते। गरीबों को उनका हक दिलाना गुनाह है क्या। पीएम मोदी ने कैशलेस ट्रांजैक्शन का भी जिक्र किया।

मोदी ने कहा कि भारतीय नई चीजों के सीखने में वक्त नहीं लगाते। अब आपका मोबाइल ही आपका बटुआ है। इस देश में 40 करोड़ स्मार्ट फोन हैं। कम से कम इतने लोग तो तत्काल केशलेस ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। मोदी ने आगे कहा केवल कालाधन निकालना ही मकसद नहीं है। बल्कि भविष्य में देश में कालाधन जमा न हो इसके लिए भी इंतजाम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा नोट छापकर बेइमानों की मदद नहीं करना चाहते। मध्यम वर्ग का कोई व्यक्ति कालाधन नहीं रखता। इस देश में 65 फीसदी लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। और जिस देश में इतनी बड़ी जनसंख्या युवाओं की हो वो कुछ भी कर सकते हैं। देशवासियों की तपस्या बेकार नहीं जाएगी। मोदी ने नोटबंदी में साथ देने के लिए किसानों का भी धन्यवाद किया।

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