pmo order to probe of VVIP phone tapping case

VVIP के फोन टैपिंग मामले की PMO ने दिये जांच के आदेश

VVIP के फोन टैपिंग मामले की PMO ने दिये जांच के आदेश

एक बड़ी और जानी मानी टेलीकॉम कंपनी ESSAR पर VVIP लोगों के फोन टैप करने का आरोप लगा है। हलांकी ESSAR की तरफ से इस तरह के आरोपों को बेबुनिया बताया गया है। लेकिन केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक पीएमओ ने गृह मंत्रालय को इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिये हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि सच्चाई सभी के सामने आनी चाहिए। पीएम का मानना है कि सरकारी नीतियों को बनाने मे किसी भी बाहरी तत्व की भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी। VVIP फोन टैपिंग मामले को लेकर वकील सुरेन उप्पल ने पीएमओ में शिकायत की थी। उप्पल ने सबूत के तौर पर 29 पन्नों के एक दस्तावेज पीएमओ को दिया था।

ESSAR पर क्या है आरोप?

ESSAR पर आरोप ये लगाया गया है कि उसने देश के बड़े और चर्चित लोगों के फोन टैप किये। जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक दलों के नेता, कई अहम मंत्रालयों के सचिव और कई बड़े कारोबारी शामिल हैं। आरोप ये लगाया गया है कि फोन टैप करने का ये खेल 2001 से 2006 के बीच खेला गया। सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने पीएम Narender Modi से फोन टैपिंग की शिकायत की है। जिसमें कहा गया है कि ESSAR ने अपने एक बड़े अधिकारी अल बासित खान को फोन टैप करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

क्या कहना है अल बासित खान का ?

pmo order to probe of VVIP phone tapping case-2इस पूरे मामले और आरोपों के सामने आने के बाद अल बासित खान ने कहा कि उन्हें ये टेप मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने दिये हैं। इस मामले का खुलासा सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने किया था। जिसके बाद अल बासित खान ने उप्पल को कानूनी नोटिस भी भेजा है जिसमें उप्पल के दावों पर सवाल उठाए गए हैं। नोटिस मे कहा गया है कि ‘इस साल जनवरी में मैं आपसे मिला और कुछ रिकॉर्डिंग के बारे में आपसे राय मांगी। ये रिकॉर्डिंग मुझे मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के एक बड़े अधिकारी ने सुरक्षित रखने के लिए दी थी। इस रिकॉर्डिंग की सच्चाई और श्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझसे ये गलती हो गई कि मैने आपको सुप्रीम कोर्ट में वकालत करनेवाला एक बड़ा वकील समझा और सोचा की आप सही कानूनी राय देंगे। न मैने कभी आपको अपना वकील बनाया और न ही मेरी तरफ से प्रतिनिधित्व करने का अधिकार दिया।‘

2001 से 2006 के बीच जब फोन रिकॉर्डिंग की गई उस वक्त केंद्र में पहले वाजपेयी और फिर मनमोहन सिंह की सरकार रही। उद्योगपतियों, नौकरशाहों और नेताओं के फोन टैप करने का आरोप सुप्रीम के एक वकील ने लगाया है। फोन टैप करने का आरोप ESSAR के पूर्व विजलेंस और सुरक्षा प्रमुख अल बासित खान पर लगाया गया है।

किन लोगों के फोन टैप किये गए ?

  • रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी
  • रिलायंस एडीजी ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी
  • उनकी पत्नी टीना अंबानी
  • अमिताभ बच्चन
  • समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह
  • समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव
  • सहारा प्रमुख सुब्रत राय
  • बीजेपी के पूर्व नेता स्वर्गीय प्रमोद महाजन
  • पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह
  • बीजेपी नेता सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल
  • एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद और ओएसडी रंजन भट्टाचार्य
  • बीजेपी नेता एनके सिंह
  • बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल
  • वाजपेयी सरकार में पीएमओ में ओएसडी ब्रजेश मिश्रा

इसके अलावा कई बैंकों के प्रमुखों के फोन भी टैप करने का आरोप है।

कहां हुआ फोन टैप ?

प्रधानमंत्री कार्यालय को जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक फोन टैपिंग के लिए दो सेंटर बनाए गए थे। एक दिल्ली में दूसरा मुंबई में। दिल्ली में ग्रेटर कैलाश में ESSAR गेस्ट हाउस और मुंबई में महालक्ष्मी में बने ESSAR गेस्ट हाउस के बेसमेंट में बना था।

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