1 करोड़ 8 लाख लोगों को पीएम मोदी का बेशकीमती तोहफा, जानकर गदगद हो जाएंगे आप




नई दिल्ली: बस मार्च खत्म होने का इंतजार है उसके बाद केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई से निपटने के लिए ब्रह्मास्त्र देनेवाली है। दरअसल केंद्र सरकार 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को और 58 लाख पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते में 2 से 4 फीसदी तक की बढ़ोतरी का एलान कर सकती है। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि महंगाई का बोझ उन केंद्रीय कर्मचारियों पर ना पड़े।

लेकिन सरकार की इस योजना का एक दूसरा पहलू भी है। वो ये है कि श्रमिक संगठन सरकार की इस बढ़ोतरी से खुश नहीं हैं। केंद्रीय कर्मचारी संघ का कहना है कि केंद्र सरकार ने 2 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने पर सहमति जताई थी जिसे जनवरी 2017 से लागू किया जाना है। उन्होंने कहा लेबर ब्यूरो और कृषि मंत्रालय की तरफ से आंकी गई वस्तुओं की कीमत में वृद्धि की मात्रा में अंतर है।

श्रमिक संगठन का दावा है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानि CPI-IW (महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए स्वीकृत पैमाना) केवल एक काल्पनिक संख्या मात्र है और हकीकत से इसका कोई वास्ता नहीं है। डीए बढ़ाने के लिए 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2017 के बीच औसतन 4.95 फीसदी CPI-IW होना चाहिए। अब चूंकि सरकार 1 जुलाई 2016 से 2 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ा चुकी है, इससे डीए में 2 फीसदी की और बढ़ोतरी हो जाएगी।

सरकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के अनुपात में महंगाई भत्ता दिया जाता है। सरकार महंगाई भत्ते की दर तय करने के लिए कीमत में वृद्धि की दर में दशमलव के बाद के अंकों पर विचार नहीं करती है। यानि अगर महंगाई दर 1.75 है तो सरकार इसे एक फीसदी ही मानती है।

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