SAUNI के सहारे सौराष्ट्र में छा पाएंगे मोदी ?

जामनगर/गुजरात: सौराष्ट्र में नर्मदा का पानी पहुंचाकर पीएम मोदी ने अपने उस पुराने वादे को पूरा किया है जिसे उस वक्त किया गया था जब मोदी गुजरात के सीएम हुआ करते थे। मोदी ने जामनगर में सणोसरा में सौनी प्रोजेक्ट के पहले चरण की शुरुआत की। इस प्रोजेक्ट को सौराष्ट्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए तैयार किया गया था। इस प्रोजेक्ट पर 2012 में काम शुरु हुआ था। जो चार साल बाद 2016 में पूरा हुआ।

पीएम मोदी के इस सौनी प्रजोक्ट के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रफुल्ल पटेल ने मोदी के गुजरात दौरे पर कहा कि शुक्रिया मोदी जी, 2 साल 42 देश घूमने के बाद गुजरात आने का वक्त मिला। जरुर वजह गुजरात चुनाव होगी।

अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव है। और उस चुनाव में बीजेपी के लिए सबसे मुश्किल और बड़ी चुनौती है पाटीदारों का साथ हासिल करना। पाटीदार राज्य की बीजेपी सरकार से नाराज हैं। जब आंदीबेन पटेल गुजरात की सीएम थीं तब हार्दिक पटेल की अगुवाई में पाटीदारों ने बड़ा आंदोलन किया था। हालात को संभाल पाने में गुजरात सरकार के पसीने छूट गए थे। कहा ये भी जा रहा है कि ये भी एक वजह थी आनंदीबेन पटेल को सीएम के पद से हटाने का।

अब सौराष्ट्र, सौनी और पाटीदारों के बीच के संबंध को समझ लीजिये। सौनी योजना से फायदा सौराष्ट्र के लोगों को होगा। सौराष्ट्र गुजरात का वो इलाका है जहां पाटीदार सबसे ज्यादा हैं। राज्य की बीजेपी सरकार से जो पाटीदार नाराज हैं उनमें सबसे ज्यादा तादाद सौराष्ट्र के पाटीदारों की ही है। दलितों की पिटाई का मामला भी सौराष्ट्र के उना में ही हुआ था।

ऐसे में अब बीजेपी की कोशिश ये है कि सौनी जैसी योजना की शुरुआत कर सौराष्ट्र के लोगों को बड़ा तोहफा दिया जाए। इसके साथ साथ बीजेपी उम्मीद ये भी लगाए बैठी है कि सौनी योजना का पानी जब सौराष्ट्र के पाटीदारों तक पहुंचेगा तो उनकी नाराजगी भी खत्म होगी।

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