काशी में पीएम मोदी का ठेठ बनारसी अंदाज अखिलेश-राहुल को कह दिया ‘घलुआ’




वाराणसी:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को काशी विद्यापीठ में विरोधियों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा जो लोग जमीन से जुड़े होते हैं मेहनत करके आगे बढ़ते हैं वो फैसला लेने की हिम्मत दिखाते हैं। वो साहसी होते हैं। लेकिन जो लोग ‘घलुआ’ होते हैं वो कोई फैसला नहीं लेते हैं। क्योंकि उन्हें सबकुछ विरासत में मिला होता है।

‘घलुआ’ शब्द बोलने के बाद पीएम मोदी ने सभा में मौजूद लोगों से पूछा बनारस में उन्हें घलुआ ही कहते हैं न। पीएम ने कहा जो घलुआ होते हैं उन्हें कुछ हासिल करने की जरुरत नहीं होती। उन्हें सबकुछ विरासत में मिल जाता है। मुलायम सिंह यादव से अखिलेश यादव को मिला। अखिलेश के बाद उनके पास वालों को मिल रहा है।

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पीएम मोदी ने राहुल का नाम भले ही नहीं लिया लेकिन जिस ‘घलुआ’ का इस्तेमाल उन्होंने किया उसके लपेटे में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी आ गए। दरअसल इसके जरिये पीएम मोदी ने विरासत की राजनीति पर निशना साधा। जिसमें सबकुछ जन्म के आधार पर तय होता कर्म के आधार पर नहीं।

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पीएम मोदी ने काशी विद्यापीठ में अपने भाषण की शुरुआत ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाकर शुरु किया। उन्होंने कहा बनारस के लोगों का कितना भी अभिवादन करूं, कम है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा आनेवाले दिनों में कांग्रेस की वो हालत हो जाएगी कि पार्टी को पुरातत्व विभाग वाले खोजेंगे।

पीएम ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा यूपी में 30 लाख लोगों को घर की जरुरत है। केद्र सरकार ने सूची मांगी तो वो सो रहे थे। वे सूची नहीं बना पाए तो घर क्या बनाएंगे।

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