चिदंबरम बोले कश्मीर को स्वायत्तता मिले, मोदी बोले अलगाववादियों की भाषा मत बोलो

नई दिल्ली:  यूपीए सरकार में गृह मंत्री रहे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कश्मीर पर बेहद ही आपत्तिजनक बयान दिया है। चिदंबरम ने अपने बयान में कश्मीर की स्वायत्तता का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें स्वायत्तता दे देनी चाहिए। हलांकि बाद में विवाद होने पर चिदंबरम ने ट्वीट कर अपनी सफाई दी और कहा कि मेरे बयान को पूरा नहीं पढ़ा गया। वहीं कांग्रेस से जब चिदंबरम के बयान पर सवाल किया गया तो पार्टी का कहना था कि किसी की निजी राय पार्टी लाइन नहीं हो सकती है।

चिदंबरम के इस बयान पर पीएम मोदी ने भी करारा जवाब दिया है। हलांकि उन्होंने कहीं भी चिदंबरम का नाम नहीं लिया। बेंगलुरु के दौरे पर गए पीएम मोदी ने कहा वो कश्मीर की आजादी की मांग कर रहे लोगों के साथ सुर मिला रहे हैं। कश्मीर पर ऐसे बयान देने से ऐसे लोगों को शर्म नहीं आती। देश की एकता अखंडता हम खत्म नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कल तक जो सत्ता में बैठे थे आज वो यू टर्न ले रहे हैं, बेशर्मी के साथ बयान दे रहे हैं।

पीएम ने आगे कहा ऐसे लोग देश के वीरों के बलिदान पर अपनी राजनीति करने पर तुले हैं। ऐसे लोगों से क्या देश का भला हो सकता है। कांग्रेस को इस बयान का हर पल जवाब देना पड़ेगा। हम देश की एकता और अखंडता के साथ समझौता करेंगे भी नहीं और होने भी नहीं देंगे।

चिदंबरम के सावयत्तता वाले बयान के बाद नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला ने भी जहर उगला है। फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि बंदूक के नोंक पर समस्या का समाधान नहीं निकल सकता है। समाधान के लिए बातचीत करनी होगी। और बातचीत के लिए आपको अपना दिल साफ करना होगा।

ये वही फारूख अब्दुल्ला हैं जिन्होंने ये कहा था कि अगर बातचीत होगी तो उसमें पाकिस्तान को भी शामिल करना होगा। अब्दुल्ला का ये बयान तब आया था जब गृह मंत्रालय ने कश्मीर का हल निकालने के लिए बातचीत शुरु करने की बात कही थी।

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