narender-modi

NSG में भारत की एंट्री के खिलाफ चीन…लेकिन अब तैयार है प्लान B

NSG में भारत की एंट्री के खिलाफ चीन…लेकिन अब तैयार है प्लान B

चीन की तरफ से हर वो संभव कोशिश की जा रही है जिससे कि NSG में भारत को एंट्री नहीं मिले। चीन ने यहां तक कह दिया की 24 जून को होनेवाली NSG सदस्य देशों की बैठक में भारत की सदस्यता का मुद्दा एजेंडे में नहीं है। जबकि पिछले दिनों विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी उम्मीद जताई थी कि चीन को राजी कर लिया जाएगा। लेकिन चीन अपने रुख पर अड़ा हुआ है। जिसके बाद 24 जून को होनेवाली NSG की बैठक से एक दिन पहले पीएम मोदी उज्बेकिस्तान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे।

इसके बाद भी अगर चीन अपनी जिद पर अड़ा रहता है तो भारत को समर्थन करनेवाले देशों ने NSG में भारत की एंट्री के लिए एक दूसरा रास्ता भी तैयार किया है। जिससे की 24 जून को होनेवाली NSG की बैठक में भारत की एंट्री पर चर्चा तो हो ही जाए।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक 9 जून को विएना में एक बैठक हुई थी। जिसमें भारत की तरफ से दिया गया आवेदन स्वीकार कर लिया गया। इसका साफ मतलब ये है कि NSG में भारत की सदस्यता पर सोल में होनेवाली बैठक में चर्चा हो सकती है।

चीन ने 9 जून की बैठक में भी अड़ंगा लगाया था। चीन का कहना था कि NSG पहले उन देशों की सदस्यता पर सहमति बनाए जिन देशों ने एनपीटी पर दस्तखत नहीं किये हैं। भारत की एंट्री पर अर्जेंटिना ग्रुप के दूसरे देशों के साथ प्लान B पर चर्चा कर रहा है। इस वक्त अर्जेंटिना ही NSG ग्रुप की अगुवाई कर रहा है। बैठक में ग्रुप के 48 देशों में से 29 ने भारत का समर्थन किया है। इस प्लान के तहत एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जो एनपीटी पर दस्तखत नहीं करनेवाले देशों के NSG में एंट्री के लिए एक खाका तैयार करेगा। इसके पीछे मकसद ये है कि सोल में ज्यादा कुछ नहीं तो कम से कम भारत की सदस्यता को लेकर चर्चा हो जाए।

भारत की कोशिश ये है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा का कार्यकाल खत्म होने से पहले NSG की सदस्यता हासिल कर ली जाए। इसके लिए भारत अपनी तरफ से कोशिश कर रहा है। जिसमें अपने समर्थकों के जरिये विरोधियों को साधने की कोशिश है। जैसे मेक्सिको को मनाने के लिए अमेरिका का सहारा लिया गया, स्विटजरलैंड के लिए जर्मनी तो न्यूजीलैंड के लिए ऑस्ट्रेलिया से मदद लेने की बात शामिल है। 48 में से 29 देशों का समर्थन मिलने के बाद भी भारत को इतनी मशक्कत इसलिए करनी पड़ रही है क्योंकि NSG में वोटिंग की जगह आम सहमति से ही अबतक काम होता आया है। और इसी का फायदा चीन उठा रहा है।

– PM Narender Modi, President Barack Obama, NSG Membership, Sushma Swaraj, China President Xi Jinping

Loading...

Leave a Reply