पुलवामा में प्रदर्शनकारियों के हमले में PDP विधायक खलील बंद घायल

हिजबुल आतंकी बुरहानी वानी को मरे हुए 10 दिन बीत चुके हैं। लेकिन अभी भी जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हुए हैं। बुरहाना के एनकाउंटर का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी, पुलिस और सेना को अपना निशाना बना रहे हैं। आए दिन घाटी में किसी न किसी जगह से झड़प की खबर आ रही है।

सोमवार को सुबह पुलवामा से खबर आई की पीटडीपी विधायक खलील बंद पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अनगिनत पत्थर खलील बंद की गाड़ी पर बरसाए। जिससे विधायक गंभीर रुप से घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनसे मिलने जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती भी पहुंची।

8 जुलाई को बुरहानी वानी का एनकाउंटर हुआ था। जिसके बाद 9 जुलाई से ही राज्य में हालात बिगड़ गए। कई जिलों में अभी कर्फ्यू जारी है। मोबाइल, इंटरनेट सेवा कई इलाकों में बंद किया है। हिंसा में अबतक 41 लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कश्मीर के इस अशांत हालात का असर शिक्षण संस्थाओं पर भी पड़ रहा है। कश्मीर यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं 23 जुलाई तक स्थगित कर दी गई है। राज्य लोक सेवा आयोग की तरफ से होनेवाले इंटर्व्यू को भी फिलहाल रोक दिया गया है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक 9 जुलाई के बाद से रविवार यानि 17 जुलाई का दिन ही ऐसा रहा जब हिंसा में कोई हताहत नहीं हुआ। लेकिन हिंसक झड़प होती रही। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक रविवार को बांदीपोर के सदरकोट में इलाके में राष्ट्रीय रायफल्स के शिविर पर हमला किया गया। जिसके बाद सैनियों को आत्मरक्षा में गोलियां चलानी पड़ी। जिसमें चार प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घाटी में हालात जल्द सामान्य हो इसके लिए 19 जुलाई तक समाचार पत्र के मालिकों से प्रकाशन नहीं करने को कहा है।

जम्मू श्रीनर राष्ट्रीय राजमार्ग हफ्तेभर से बंद है। जिसके चलते घाटी में जरुरी सामानों की कमी होने लगी है। वहीं कश्मीर के बारामूला और जम्मू के बनिहाल के बीच रेल सेवाएं सोमवार को 11वें दिन भी स्थगित रही।

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