सहारा का नोटबंदी का बहाना फेल, तय वक्त पर 600 करोड़ नहीं देने पर जाएंगे जेल




नई दिल्ली: सुब्रत राय सहारा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें 600 करोड़ जुटाने के लिए और वक्त की मांग की गई थी। सहारा की तरफ से दलील दी गई थी कि नोटबंदी की वजह से उसे पैसे जुटाने में दिक्कत हो रही है। इसलिए उसे और वक्त दिया जाए। लेकिन सर्वोच्च अदालत ने सहारा की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया।

पिछली सुनवाई में ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि 6 फरवरी 2017 तक 600 करोड़ जमा नहीं कराने पर सुब्रत राय सहारा को जेल जाना होगा। सहारा समूह ने मांग की थी कि नोटबंदी की वजह से उसे संपत्ति बेचने में दिक्कत आ रही है। इसलिए वो पैसा नहीं जुटा पा रहा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की ये दलील नहीं मानी।

इससे पहले 25 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय के परोल को 28 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया था। तब कंपनी ने सेबी के पास 200 करोड़ रुपये जमा करवाए थे। उस वक्त सहारा समूह की तरफ से कहा गया था कि वो निवेशकों का पूरा बकाया 26 महीने में लौटा देगा। सुप्रीम कोर्ट में सहारा ने बताया है कि 2018 तक वो निवेशकों का पूरा बकाया चुका देगा।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में ये सवाल भी उठाया कि सुब्रत राय अबतक जेल से बाहर कैसे हैं। सुप्रीम कोर्ट के गुरुवार के रुख के बाद ये साफ हो गया कि अगर नियत समय पर सहारा समूह निवेशकों का 600 करोड़ नहीं चुकाता है तो सुब्रत राय को दोबारा जेल जाना पड़ेगा।

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