पैराडाइज पेपर्स में नाम आने के बाद राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने दी सफाई

नई दिल्ली:  पैराडाइज पेपर्स के सामने आने के बाद इसमें 714 उन भारतीयों के नाम सामने आए हैं जो किसी ना किसी तरह से अपने पैसों को टैक्स हैवन देशों में पहुंचाया है। और वहां उन्होंने निवेश किया है। इन 714 नामों में भारत के कारोबारी, राजनेता और फिल्म अभिनेता के नाम भी शामिल हैं। इसी पैराडाइज पेपर्स में केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा और बीजेपी से राज्य सभा सांसद रविंद्र किशोर सिंह का नाम प्रमुख है।

पैराडाइज पेपर्स में नाम सामने आने के बाद राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने अपनी सफाई पेश की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि मंत्री बनने से पहले ही उन्होंने कंपनी छोड़ दी थी। दरअसल इसमें सीधे तौर पर जयंत सिन्हा का नाम नहीं सामने आया है। लेकिन जिस ओमिद्यार नेटवर्क कंपनी में बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर काम करते थे उसने विदेशों में पैसा जमा करवाया था। पेपर्स में कहा गया है कि ओमिद्यार नेटवर्क ने अमेरिकी कंपनी डी लाइट डिजाइन में बड़ा निवेश किया था। जबकि इस अमेरिकी कंपनी की टैक्स हैवन केमैन आईलैंड में सब्सिडियरी कंपनी होने की बात सामने आई है।

पैराडाइज पेपर्स के सामने आने के बाद राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने अपनी सफाई में कहा है कि सितंबर 2009 में वह ओमिद्यार नेटवर्क से बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर जुड़े थे। उन्होंने माना है कि कंपनी में वो भारत से जुड़े मामलों को देखते थे। लेकिन दिसंबर 2013 में उन्होंने कंपनी से इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने माना है कि 2010 में ओमिद्यार नेटवर्क का अमेरिकी कंपनी डी लाइट डिजाइन में निवेश की प्रिकृया उन्हीं के द्वारा शुरु की गई थी। नवंबर 2014 तक वो अमेरिकी कंपनी के बोर्ड में ओमिद्यार नेटवर्क की तरफ से शामिल रहे। डी लाइट कंपनी में वह ओमिद्यार नेटवर्क की तरफ से शामिल रहे। जिसके बाद जनवरी 2014 से नवंबर 2014 तक वह डि लाइट के स्वतंत्र निदेशक रहे। 2014 में मंत्रिपरिषद में शामिल होने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

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