भारत के इस कानून से पाकिस्तान के पेट में उठा दर्द

भारत के इस कानून से पाकिस्तान के पेट में उठा दर्द

पाकिस्तान कब क्या और किस तरह की हरकत कर देगा इसके बारे में कुछ भी बता पाना संभव नहीं है। अगर भारत के प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात करते हैं तो चिंता पाकिस्तान की बढ़ जाती है । भारतीय सेना अगर अपनी सरहद की निगरानी में गश्त लगाएं तो पाकिस्तान की नींद हराम हो जाती है। अगर भारतीय वायुसेना अपने विमान का इंजन स्टार्ट करे तो पाकिस्तान इस तरह से हाय तौबा मचाता है जैसे विमान के ईंधन का खर्चा उससे वसूला जाएगा। खैर ये तो हुई पुरानी बातें। अब पाकिस्तान ने एक नयी हरकत की है।

दरअसल भारत में नक्शे को लेकर एक नए कानून का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसमें ये कहा गया है कि अगर कोई भारतीय सरहद का गलत नक्शा दिखाएगा तो उसे 100 करोड़ जुर्माना और 7 साल तक कैद की सजा हो सकती है। इस नए कानून को बनाने का मकसद ये है कि जिस तरह से अलग अलग एजेंसियों की तरफ से नक्शे के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आती है उसपर रोक लगाई जा सके। इस नए कानून से भारत में किसी को कोई दिक्कत नहीं है। क्योंकि इसमें दिक्कत होनेवाली कोई बात नहीं है। लेकिन इससे पाकिस्तान के पेट में मरोड़ शुरु हो गया है।

मानचित्र को लेकर भारत के इस नए कानून के खिलाफ पाकिस्तान ने यूएन को चिट्ठी लिखी है। जिसमें उसने कहा है कि इस तरह का कानून सही नहीं है। अब इसमें सवाल ये उठता है कि क्या हमें अपना कानून पाकिस्तान या किसी दूसरे देश से पूछकर बनाना पड़ेगा। क्या हमें अपने कानून में अपनी जरुरत से ज्यादा दूसरे मुल्कों की सहूलियत का खयाल रखना होगा।

दरअसल पाकिस्तान के इस एतराज की वजह जम्मू कश्मीर है। पाकिस्तान पहले भी संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत पर सवाल उठाता रहा है। उसकी कोशिश हमेशा से ये रही है कि कश्मीर के मुद्दे को द्वीपक्षीय नहीं बल्की इसमें तीसरे पक्ष को भी शामिल किया जाए। ये भी एक सत्य है कि भारतीय मानचित्र के साथ सबसे ज्यादा छेड़छाड़ पाकिस्तान और चीन की तरफ से किये जाते रहे हैं। इसलिए भारत ने इसे रोकने के लिए एक कड़े कानून का प्रावधान किया है। इसी कानून का पाकिस्तान विरोध कर रहा है।

 

 

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