सर्जिकल स्ट्राइक का सच स्वीकार करने में डरा पाकिस्तान, यहां भी बोल गया झूठ

दिल्ली: उरी हमले के बाद पाकिस्तान को जिस तरह से जवाब देने की मांग की जा रही थी भारतीय सेना के कमांडो ने बुधवार रात वो जवाब दिया गया। जिसमें भारतीय सेना के स्पेशल फोर्स के पैरा कमांडो ने सर्जिकल स्ट्राइक की। सेना के स्पेशल फोर्स के पैरा कमांडो ने LOC के भीतर तकरीबन 3 किलोमीटर भीतर तक घुसकर इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया।

इस सर्जिकल स्ट्राइक में LOC में आतंकियों के 3-4 लॉन्चिंग पैड को बर्बाद कर दिया गया। इस हमले में कितने आतंकी मारे गए इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा तो जारी नहीं किया गया है लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि तकरीबन 35-40 आतंकी भारतीय सेना की इस कार्रवाई में मारे गए। सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 2 सैनिक भी मारे गए।

भारतीय सेना ने बुधवार की रात साढ़े बजे ऑपरेशन शुरु किया जो सुबह साढ़े चार बजे तक चला। भारतीय सेना के स्पेशल फोर्स के पैरा कमांडो इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर सकुशल वापस लौट गए। इसके बाद भारत के DGMO ने पाकिस्तानी DGMO को भी इसकी जानकारी दे दी। LOC में आतंकी कैंपों की हुई इस तबाही पर पाकिस्तान न तो रो सकता है और न ही ये स्वीकार कर सकता है, कि हां भारतीय सेना ने LOC में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी कैंपों को नष्ट किया है।

इसके पीछे पाकिस्तान की अपनी मजबूरी है। यही वजह है कि पाकिस्तान ये मानने को तैयार नहीं है कि LOC में किसी तरह का सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है। हां पाकिस्तान ये जरूर मान रहा है कि उसके दो सैनिक मारे गए हैं। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक में नहीं बल्कि भारत की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया जिसमें उसके दो सैनिक मारे गए।

पाकिस्तान LOC में सेना की इस कार्रवाई को इसलिए भी स्वीकार नहीं कर सकता क्योंकि अगर उसने ऐसा किया तो इससे भारत के उस दावे को बल मिलेगा जिसमें ये कहा जाता रहा है कि पाकिस्तानी जमीन पर आतंकियों को शरण दी जाती है। और आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप पाकिस्तान की जीमन पर चलते हैं। लेकिन पाकिस्तानी सरकार उन्हें खत्म करने के बदले उसे संरक्षण दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिजबुल आतंकी बुरहान वानी को कश्मीरी नेता और अपना हीरो बताकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पहले ही ये बता चुके हैं कि संयुक्त राष्ट्र में उन्होंने आतंकियों की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ी थी। वो तो एक बुरहान वानी का मसला था। लेकिन इसबार तो LOC में बने आतंकियों के लॉन्चिंग पैड का मुद्दा है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना के दो जवान भी मारे गए। यहां सवाल ये उठता है कि आतंकियों के कैंप में पाकिस्तानी सेना के जवान क्या कर रहे थे?

आतंकियों के साथ पाकिस्तानी सैनिकों की मौजूदगी ये बताने के लिए काफी है कि इन आतंकी कैंपों को पाकिस्तानी सरकार, पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI तीनों की मंजूरी दी जाती है। यही वो मजबूरी है जिसकी वजह से पाकिस्तान ये मानने को तैयार नहीं हो रहा है कि LOC में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक किया है।

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