सावधान देशवाशियों! हमला करने में नाकाम होने पर पाकिस्तान ने रची है इमोशनल साजिश

नई दिल्ली:  पीओके में भारतीय एयरफोर्स ने जैश के आतंकी ठिकानों को तहस नहस किया तो पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। इसके लिए पाकिस्तान के F- 16 विमान ने एलओसी पार कर भारतीय सीमा में बम गिराए। लेकिन इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

भारत की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी F- 16 विमान को मार गिराया गया। हलांकि इस कार्रवाई में भारत का मिग 21 विमान भी तबाह हो गया। साथ ही विमान का पायलट लापता हो गया। बाद में पाकिस्तान की तरफ से दावा किया गया कि दो भारतीय पायलट उसके कब्जे में हैं। जिनमें से एक का इलाज अस्पताल में चल रहा है जबकि दूसरा ठीक है और उसके कब्जे में है।

लेकिन पाकिस्तान की तरफ से आए इस बयान के पांच घंटे बाद तक आधिकारिक तौर पर  पाकिस्तान की तरफ से पायलट के बारे में भारत को जानकारी नहीं दी गई। जबकि जिनेवा कन्वेंशन के मुताबिक अगर इस तरह से किसी देश के सैनिक को हिरासत में लिया जाता है तो उसकी जानकारी संबंधित देश को दिया जाना जरुरी है।

इसके बदले पाकिस्तान ने एक इमोशनल साजिश रची। और मिग 21 के पायलट की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया में शेयर कर दिया। पाकिस्तान की इस साजिश के पीछे भारतीयों के इमोशन को उकसाना है। पाकिस्तान ने हिरासत में लिये गए पायलट का नाम विंग कमांडर अभिनंदन बताया है। भारत के प्रहार से पाकिस्तान को इस बात का एहसास हो चुका है कि वो सीधी लड़ाई में भारत से किसी कीमत पर नहीं जीत सकता। इसलिए उसने भारत के लोगों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने की साजिश रची है।

पाकिस्तान चाहता है कि कब्जे में लिये गए पायलट के फोटो और वीडियो देखकर भारत के लोगों की सहानुभूति गिरफ्तार पायलट के साथ होगी और भारत के लोग सरकार पर पायलट को मुक्त कराने के लिए सरकार पर दबाव डालेंगे।

NEWSTRENDINDIA भी अपने पाठकों से अपील करता है कि पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम करें। विंग कमांडर की किसी भी तस्वीर या वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर ना करें। क्योंकि इससे लोगों की भावनाएं आहत होंगी और रिहाई की मांग को लेकर वो वही काम करेंगे जो पाकिस्तान की सरकार करवाना चाहती है। सरकार भी पायलट की रिहाई के लिए प्रयासरत है। और ये रिहाई होकर ही रहेगी। जिनेवा क्वेंशन के मुताबिक पाकिस्तान को विंग कमांडर को रिहा करना ही होगा।

क्या है जिनेवा संधि?

जिनेवा संधि का मतलब आमतौर पर दूसरे विश्वयुद्ध के बाद 1994 में तैयार किए गए संधियों और नियमों से है।इसका मुख्य मकसद युद्ध के समय इंसानी मूल्यों को बनाए रखने के लिए कानून तैयार करना था। जिनेवा संधि मुताबिक युद्धबंदियों को डराने धमकाने का काम या उनका अपमान नहीं किया जा सकता। युद्धबंदियों को लेकर जनता में उत्सुकता पैदा नहीं की जा सकती। केवल युद्धबंदियों को अपना नाम, सैन्य पद और नंबर बताने का प्रावधान है।

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