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पाकिस्तनी खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख रिजवान अख्तर पद से हटाए गए

पाकिस्तनी खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख रिजवान अख्तर पद से हटाए गए

नई दिल्ली: पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पद संभालने के बाद अब कई अहम अधिकारियों के बदलाव की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में सबसे बड़ा बदलाव तब हुआ जब ISI प्रमुख रिजवान अख्तर को वक्त से पहले ही ISI चीफ के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार को ISI का प्रमुख बनाया गया है।

पीओके में भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही थी कि रिजवान अख्तर को ISI प्रमुख के पद से हटाया जा सकता है। क्योंकि पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पाकिस्तान को भनक तक नहीं लगी थी। जिसकी वजह से रिजवान अख्तर की काबिलियत को लेकर सवाल उठने लगे थे। रिजवान को नवंबर 2014 में ISI चीफ बनाया गया था। ISI चीफ का कार्यकाल तीन साल के लिए होता है।
नए सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने सेना के कई शीर्ष पदों पर भी बदलाव किये हैं। जनरल कमर बाजवा दो हफ्ते पहले ही राहिल शरीफ की जगह सेना प्रमुख बनाए गए हैं। पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट रिजवान अख्तर को नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बयान में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल बिलाल अकबर को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बनाया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल अख्तर पीएम नवाज शरीफ की हाई लेवल मीटिंग की बात सार्वजनिक हो जाने के बाद चर्चा में आए थे। मीटिंग की बात डॉन अखबार में छापी गई थी। जिसमें लिखा गया था कि मीटिंग में शरीफ सराकर ने आर्मी से कहा था कि या तो आतंकवादियों के खिलाफ कदम उठाए या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने को तैयार रहे। इसके बाद से ही लेफ्टिनेंट जनरल अख्तर पर तलवार लटक रही थी। जिसने अब वार भी कर दिया है।

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