पाकिस्तानी सेना ने नवाज शरीफ को दिया 5 दिनों का वक्त

दिल्ली: POK में भारतीय सेना के Surgical Strike ने केवल आतंकियों के लॉन्चिंग पैड को तबाह नहीं किया बल्कि पाकिस्तान में सेना और सरकार के तालमेल को भी बिगाड़ कर रख दिया। भारतीया सेना के उस ऑपरेशन से बौखलाए पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच काफी संवेदनशील बैठक हुई। लेकिन उस बैठक की सारी जानकारी पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ में छप गई।

इसके बाद से ही सेना प्रमुख राहिल शरीफ और पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के बीच की खाई बढ़ गई। पकिस्तानी सेना इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को जिम्मेदार मान रही है। बैठक की बातें अखबार तक कैसे पहुंची इसका पता लगाने के लिए सरकार को पांच दिनों का वक्त दिया गया है। सरकार और सेना के बीच ये बैठक 3 अक्टूबर को हुई थी।

सेना का मानना है कि ‘द डॉन’ अखबार में छपी खबर देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। साथ ही पत्रकार सिरिल अलमेडा की उस खबर को मनगढंत भी बताया है। पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच टकराव की खबर पर पाकिस्तानी पत्रकार सिरिल अलमेडा ने कहा कि उनकी तरफ से हर तथ्य की जांच की गई थी। खबर को छापने से पहले उसे तीन बार क्रॉस चेक किया गया। डॉन अखबार में ‘ए वीक टू रिमेंम्बर‘ के नाम से कॉलम छापा गया था। इसे लिखने वाले सिरिल अलमेडा ने कहा कि लेख छापने से पहले किसी भी तरह के चूक का मौका नहीं छोड़ा गया था।

लेकिन सेना इसे मनगढंत बता रही है। मीटिंग में हुई बातों की जानकारी बाहर कैसे निकली इसका पता लगाने के लिए सेना ने सरकार को पांच दिनों का वक्त दिया है। अलमेडा की रिपोर्ट में बैठक से जुड़ी हर बात की जानकारी दी गई है। अलमेडा ने उस रिपोर्ट का समर्थन करते हुए कहा है कि उसके तथ्यों की कई बार जांच कर पुष्टि की गई। सेना ने जब सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया तो पाकिस्तानी पीएमओ की तरफ से अलमेडा के देश के बाहर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन बाद में उस प्रतिबंध को हटा लिया गया।

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