पद्मावती विरोध: किले में लटकते शव के साथ तांत्रिक चेतन का जिक्र क्यों? जानिये तांत्रिक के बारे में

नई दिल्ली:  फिल्म पद्मावती के विरोध में हिंसा की बात सामने आ रही है। जयपुर के नाहरगढ़ किले में लटके शव के आसपास के पत्थरों पर कई तरह के संदेश लिखे गए हैं। इन सभी संदेशों में समानता ये है कि सभी में धमकी भरे लहजे का इस्तेमाल किया गया है। इन्हीं पत्थरों में से एक पर लिखा गया है चेतन तांत्रिक, पद्मावती। एक और पत्थर पर लिखा गया है फिल्म का विरोध करनेवालों हम एक एक दस दस पर भारी हैं। चेतन तांत्रिक मारे गया, पद्मावती। एक और पत्थर पर लिखा गया है पद्मावती का विरोध करनेवालों हम सिर्फ किले पर शव लटकाते नहीं है। हम में है दम।

सौजन्य- एएनआई

जिस तरह से चेतन सैनी नाम के शख्श का शव किले की दीवार पर लटका हुआ मिला है और पत्थर पर चेतन तांत्रिक का जिक्र किया गया है उसके बाद हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर पद्मावती के विरोध में चेतन तांत्रिक का जिक्र क्यों किया गया।

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मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत में तांत्रिक चेतन का जिक्र है। तांत्रिक चेतन राघव चित्तौड़गढ़ के राजा रतनसेन के दरबारियों में शामिल था। एक बार उसकी तंत्र विद्या से आहत होकर राजा रतनसेन ने उसे दरबार निकाल दिया। साथ ही उसे देश निकाला भी दे दिया। दरअसल तांत्रिक चेतन राघव ने अपने तंत्र विद्या से एक दिन पहले ही पूर्णिमा का चांद दिखा दिया था। जिससे राज्य के तांत्रिक और खुद राजा रतनसेन भी काफी नाराज हुए थे। क्योंकि वो तंत्र विद्या के खिलाफ थे। चित्तौड़गढ़ से जब देश निकाला दे दिया गया चेतन राघव को तो वो अलाउद्दीन खिलजी के पास पहुंच गया।

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तांत्रिक चेतन राघव ने ही अलाउद्दीन खिलजी के सामने पद्मावती की सुंदरता का बखान किया था। जायसी की रचना पद्मावत के मुताबिक जिस तरह से चेतन राघव ने खिलजी के सामने पद्मावती की सुंदरता के बार में विस्तार से बताया उसके बाद ही खिलजी के मन में रानी पद्ममिनी को पाने की इच्छा जाग्रत हुई। और खिलजी ने चित्तौड़गढ़ के किले पर हमला किया था।

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