जयपुर में नाहरगढ़ किला में लटका मिला शव, पद्मावती के विरोध में लिखा संदेश

नई दिल्ली:  पद्मावती के विरोध में एक बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। जयपुर के नाहरगढ़ किले में एक व्यक्ति का शव किले से लटका हुआ मिला है। शव के पास पत्थर पर कोयले से संदेश भी लिखा  गया है। जिसमें लिखा गया है कि हम शवों को जलाते नहीं शवों को लटकाते भी हैं। इसके साथ लिखा गया है पद्मावती का विरोध। एक और पत्थर पर लिखा गया है तांत्रिक चेतन, पद्मावती। इस घटना के बाद कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं।

हलांकि करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि ये जो कुछ भी हुआ है चाहे जिसने भी किया है बेहद ही गलत है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उस व्यक्ति को वहां पर मारकर लटकाया गया है या फिर उसने खुदकुशी की है इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह का विरोध गलत है।

सौजन्य- एएनआई

पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। जिस व्यक्ति का शव है उसका नाम है चेतन कुमार सैनी। पुलिस को मृत व्यक्ति का आधार कार्ड और मोबाइल फोन मिल गया है। वो जयपुर के नाहरी इलाके का रहने वाला है। पुलिस का मानना है कि ये एक सुनियोजित हत्या है। और पुलिस को भटकाने के लिए इसे पद्मावती के विरोध से जोड़ा गया है। हलांकि ये पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं है।

सौजन्य- एएनआई

एक पत्थर पर चेतन तांत्रिक भी लिखा गया है। दरअसल मलिक मुहम्मद जायसी के ग्रंथ पद्मावती में एक चेतन राघव का जिक्र होता है। जो तंत्र विद्या में पारंगत था। बताया जाता है उसी में अलाउद्दीन खिलजी के सामने पद्मावती के सौंदर्य का वर्णन किया था। जिसके बाद खिलजी ने पद्मावती को पाने के लिए हमला किया था। यानि चेतन राघव की छवि एक विलेन की थी।

इस लटकते हुए शव के साथ सवाल ये जुड़े हुए हैं कि क्या इसने खुदकुशी से पहले खुद ही पत्थर पर संदेश लिखा और उसके बाद खुदकुशी कर ली। या फिर किसी ने इस व्यक्ति की हत्या कर इसके शव को वहां लटका दिया। और पत्थर पर संदेश इसे मारने वाले व्यक्ति ने ही लिखा।

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