पद्मावत को सुप्रीम कोर्ट का ग्रीन सिग्नल, सभी राज्यों में रिलीज होगी फिल्म

पद्मावत को सुप्रीम कोर्ट का ग्रीन सिग्नल, सभी राज्यों में रिलीज होगी फिल्म

नई दिल्ली:  सेंसर बोर्ड से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद भी कई राज्यों में बैन का सामना कर रही संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत वाली खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत के रिलीज पर अलग अलग राज्यों की तरफ से लगाए  गए बैन को असंवैधानिक बताया है। साथ ही कहा है कि फिल्म सभी राज्यों में एक साथ रिलीज होगी। कानून व्यवस्था बनाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

गुरुवार को सीजेआई की बेंच ने कहा कि राज्यों में कानून व्यवस्था बनाना राज्यों की जिम्मेदारी है। राज्यों का यह संवैधानिक दायित्व है। संविधान की आर्टिकल 21 के तहत लोगों को जीवन जीने और स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है। बेंच ने राज्यों के फिल्म के खिलाफ नोटिफिकेशन को गलत बताया है। बेंच ने कहा कि इस नोटिफिकेशन से आर्टिकल 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों का हनन होता है। यह राज्यों का दायित्व है कि वह कानून व्यवस्था बनाए। राज्यों की यह भी जिम्मेदारी है कि फिल्म देखने जाने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिले। अटॉर्नी जनरल ने राज्यों को पक्ष रखने के लिए सोमवार का वक्त मांगा था। लेकिन उससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया।

निर्माताओं का पक्ष रखते हुए साल्वे ने कहा राज्यों का प्रतिबंध लगाना सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत संघीय ढांचे को तबाह करना है। राज्यों को इस तरह का कोई हक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कानून व्यवस्था की आड़ में राजनीतिक नफा नुकसान का खेल हो रहा है।

पद्मावत पर सबसे पहले राजस्थान सरकार ने रोक लगाई थी। उसके बाद मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा में भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के गुरुवार के फैसले के बाद अब राज्य सरकारों में भी हलचल तेज हो गई है।

हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बिना हमारा पक्ष सुने ये फैसला दिया है। इस फैसले को रिव्यू करने के बाद जहां संभव होगा वहां अपील करेंगे। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान सरकार में गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि हमारे पास भी कुछ संवैधानिक अदिकार हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हम अधिकारियों के साथ बात कर रहे हैं। जल्द ही इसपर फैसला लिया जाएगा।

वहीं करणी सेना अभी भी अपने रूख पर कायम है। करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट फिल्म पर लगे बैन हटा सकती है लेकिन सिनेमा हॉल के मालिक हमसे पूछकर ही फिल्म चलाएंगे। कलवी ने कहा कि हर हाल में पद्मावत की स्क्रिनिंग रोकी जाएगी। भंसाली की फिल्म पद्मावत को 25 जनवरी को रिलीज होना है।

अगर बात राजनीतिक दलों की करें तो कांग्रेस और बीजेपी की तरफ से अपने प्रवक्ताओं को इस मुद्दे पर बोलने से फिलहाल परहेज करने के लिए कहा गया है। शायद वोटबैंक भी इस चुप्पी की एक बड़ी वजह है।

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