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अस्पताल में जयललिता के कमरे में केवल 5 लोगों को ही एंट्री की इजाजत है

अस्पताल में जयललिता के कमरे में केवल 5 लोगों को ही एंट्री की इजाजत है

नई दिल्ली: तमिलनाडु में चेन्नई के अपोलो अस्पताल में सीएम जयललिता 74 दिनों से भर्ती हैं। इस दौरान उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है। अस्पताल की तरफ से उनकी बीमारी को लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही है। हर कोई जानना चाहता है कि जयललिता की बीमारी क्या है लेकिन अभी अस्पताल की तरफ से इस मामले पर गोपनीयता बरती गई है।

अपोलो अस्पताल में जयललिता जिस कमरे में भर्ती हैं वहां केवल पांच लोगों को ही जाने की इजाजत है। कमरे में जानेवाली नर्स को मोबाइल फोन तक रखने की इजाजत नहीं है। वहीं जो डॉक्टर उनकी देखरेख कर रहे हैं उन्हें भी 24 घंटे अस्पताल में ही रहना पड़ रहा है। इस बीच उन्हें ना तो किसी से मिलने की इजाजत है और ना ही वो फोन पर जयललिता की सेहत से जुड़ी कोई बात किसी को बता सकते हैं।

जयललिता की देखरेख और इलाज करनेवाले डॉक्टरों की निगरानी खुफिया एजेंसियां कर रही हैं। डॉक्टरों के फोन सर्विलांस पर रखे गए हैं। पिछले दिनों जयललिता की मेडिकल फाइल अपोलो की सिस्टम से खोलने की कोशिश करते हुए 5 कर्मचारियों को पकड़ा गया था। जिसके बाद उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। अस्पताल के भीतर ही नहीं बाहर भी सीएम की सेहत को लेकर अफवाह फैलानेवालों पर नजर रखी जा रही है। 23 अक्टूबर तक 43 लोगों पर अफवाह फैलाने के जुर्म में केस दर्ज हो चुका है। 8 गिरफ्तार किये गए थे।

अस्पताल में जयललिता के कमरे में जिन पांच लोगों को जाने की इजाजत है उनमें उनकी नजदीकी शशिकला भी हैं जो उनके घर पर ही रहती थीं। फैमिली डॉक्टर शिवकुमार, राज्यपाल और दो अन्य लोग शामिल हैं।

22 सितंबर को अपोलो अस्पताल के मालिक की बेटी के पास फोन आया था कि जयललिता अपने घर में बेहोश हो गई हैं। इसके बाद अस्पताल से एंबुलेंस को सीएम आवास के लिए रवाना किया गया। जयललिता को सीधे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। ये पहली बार है जब जयललिता अपोलो में भर्ती की गई हैं। इससे पहले अबतक वो तीन चार महीने में चेन्ननई के ही श्रीरामचंद्र मेडिकल कॉलेज ही जाती रही थीं। लेकिन इसबार तबीयत ज्यादा गंभीर थी इसलिए अपोलो में भर्ती कराया गया।

सीएम की गिरती सेहत को देखते हुए लंदन से डॉक्टर रिचर्ड जॉन बेले को बुलाया गया। सिंगापुर से भी डॉक्टरों की एक टीम आ चुकी है। पहली बार अपोलो ने बाहर से एक्सपर्ट बुलाए हैं। जयललित की देखरेख में 18 डॉक्टरों की टीम तैनात है। इन्हें 24 घंटे अस्पताल में ही रहने को कहा गया है। इस टीम में शामिल डॉक्टर आईसीयू के पास बने वीवीआईपी वार्ड में ही रहते हैं। 9 नर्सों की शिप्ट में ड्यूटी लगती है। इन नर्सों के फोन तक ले लिये गए हैं।

जयललिता के गले में ट्राइको नली लगाई गई है। इसी से वो फ्लूड और ऑक्सीजन ले रही हैं। नली लगे होने की वजह से उनके लिए बोलना भी संभव नहीं है। वो केवल इशारों में ही जवाब दे रही हैं। लंबे वक्त से बीमार होने की वजह से उनका वजह भी काफी घट गया है। दूसरी बार दिल का दौरा पड़ने के बाद सीएम जयललिता को लाइफ सपोर्ट सिस्टम और ECMO पर रखा गया है।

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