‘वन नाइट स्टैंड’ हिंदू मैरिज एक्ट में शादी नहीं है- हाईकोर्ट

नई दिल्ली:  एक्सिडेंटल शारीरिक संबंध या वन नाइट स्टैंड में बने शारीरिक संबंध पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि वन नाइट स्टैंड हिंदू मैरिज एक्ट के तहत शादी नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि वन नाइट स्टैंड के बाद अगर दोनों की शादी नहीं होती है और बच्चे का जन्म होता है तो बच्चे का पिता की संपत्ति में कोई हक नहीं होता।

इससे जुड़े एक मामले पर सुनवाई के दौरान जज ने कहा महिला पुरुष के संबंध को शादी कहे जाने के लिए पारंपरिक रीति-रिवाज या फिर कानूनी प्रक्रिया के तहत शादी करना जरूरी होता है। इच्छा या दुर्घटनावश बना शारीरिक संबंध शादी नहीं होती।

कोर्ट का कहना था कि हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 16 इस तरह के संबंध को शादी की मान्यता नहीं देता। आगे जज ने कहा कुछ देशों में समलैंगिकों के संबंध को शादी मानी गई है। जबकि लिव इन रिलेशनशिप और ऐसे संबंध से बच्चों के जन्म ने कठिन मसले को जन्म दिया। इसने कानूनी जानकारों के लिए इसे शादी के रूप में परिभाषित किए जाने को चुनौती पेश कर दी है।

दरअसल कोर्ट इसी तरह के एक मामले पर सुवनाई कर रहा था। जिसमें एक व्यक्ति की दो पत्नियां थीं। इस बात के साबित होने पर की व्यक्ति ने दूसरी बार शादी की है उसकी दूसरी शादी को अवैध घोषित कर दिया। लेकन उसकी दूसरी पत्नी से जन्म लेने वाली बच्ची को संपत्ति में अधिकार दिया गया।

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