BSP के नारों पर मायावती का सेंसर,बहनजी करेंगी OK तभी लगेंगे नारे

लखनऊ: दयाशंकर सिंह प्रकरण में बीएसपी कार्यकर्ताओं ने अति उत्हास में कुछ ऐसे नारे लगा दिये की मायावती जीती हुई बाजी हार गईं। मायावती के लिए ये शिकस्त बड़ी सीख भी दे गया। मायावती ने फरमान जारी किया है कि बगैर उनकी इजाजत के ना तो कहीं प्रदर्शन किया जाएगा और ना ही किसी तरह के नारे लगाए जाएंगे। मतलब ये है कि अब प्रदर्शन करने से पहले उसकी इजाजत बीएसपी सुप्रीमो मायावती से लेनी होगी। साथ ही उस प्रदर्शन में किस तरह के नारे लगाए जाएंगे इसकी पूरी जानकारी पहले मायावती को देनी होगी। फिर मायावती उन नारों को पढ़ेंगी। और जब बहनजी उसे पास कर देंगी तभी वो नारा प्रदर्शन या धरना के दौरान लगाया जाएगा।

दरअसल दयाशंकर प्रकरण में बीएसपी कार्यकर्ताओं ने गाली के बदले गाली की रणनीति बनाई। और अति उत्हास में बीएसपी कार्यकर्ता ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर गए कि ये दांव मायावती को उल्टा पड़ गया। दूसरी तरफ दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह सहानुभूति बटोरने में कामयाब हो गई। जब मायावती को लगा की दांव उलटा पड़ने लगा है तो उन्होंने 25 जुलाई को होनेवाला धरना भी रद्द कर दिया। साथ ही जिस दयाशंकर की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 36 घंटों का अल्टीमेटम दिया था बीएसपी कार्यकर्ताओं ने उसपर भी नरम पड़ गईं। क्योंकि गाली के बदले गाली की राजनीति में मायावती को ये एहसास हो गया था कि इस मुद्दे पर खामोशी धारण करना ही फायदेमंद है।
-Mayawati, Former UP Chief Minister

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