नीतीश कैबिनेट में 76 फीसदी मंत्री दागी-ADR

नई दिल्ली:  भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए सुशासन बाबू लालू की पार्टी आरजेडी से अलग होकर एनडीए में शामिल हो गए। जिसके बाद ये उम्मीद की जाने लगी कि अब नीतीश कुमार की सरकार बिल्कुल बेदाग और साफ सुथरी होगी। लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों पर नजर रखने वाली संस्था एडीआर ने जो दावा किया है वो हैरान करने वाला है। क्योंकि इस रिपोर्ट में नीतीश सरकार बेदाग नहीं है।

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक जेडीयू-बीजेपी की गठबंधन वाली सरकार के 76 फीसदी मंत्री दागी हैं। जबकि जब बिहार में जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस की गठबंधन वाली सरकार थी तो उस वक्त नीतीश की कैबिनेट में 68 फीसदी मंत्री दागी थे। यानि नीतीश सरकार पर दाग पहले से ज्यादा गहरे लग गए हैं। ये हाल तब है जब नीतीश कुमार ने आरेजेडी से महागठबंधन तोड़ते हुए कहा था कि कफन में जेब नहीं होता है। लेकिन अब उन्हीं के 76 फीसदी मंत्रियों पर कई तरह के आरोप लगे हुए हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा नीतीश कैबिनेट में 29 में से 22 मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानि 76 फीसदी मंत्री दागदार हैं। जबकि लालू की आरजेडी और कांग्रेस के साथ जब महागठबंधन की सरकार चला रहे थे नीतीश कुमार तब 19 मंत्री दागी थे। यानि 68 फीसदी मंत्री दागदार थे। मौजूदा नीतीश कैबिनेट में 22 दागी मंत्रियों में से 9 मंत्रियों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों का जिक्र किया है। जेडीयू कोटे से बने दो मंत्रियों पर हत्या का कोशिश में धारा 307 के तहत केस दर्ज है। जबकि कई मंत्रियों पर धोखाधड़ी छेड़खानी, चोरी, डकैती, महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

ADR के ये रिपोर्ट तब सामने आई है जब आरजेडी नीतीश सरकार पर हमलावर है। मंगलवार को आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर नीतीश को दल बदलू बता दिया था। ऐसे में ADR की रिपोर्ट ने आरजेडी को नीतीश पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है।

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