टेरर फंडिंग: जम्मू कश्मीर में जहूर वटाली के 12 ठिकानों पर NIA की छापेमारी

नई दिल्ली: आतंकियों और अलगाववादियों का टेरर नेटवर्क को लेकर NIA की कार्रवाई लगातार जारी है। इसे लेकर NIA की टीम ने जम्म् कश्मीर में बड़ी कार्रवाई की है। जिसके तहत राज्य में 12 ठिकानों पर NIA की छापेमारी जारी है। आज की छापेमारी जहूर वटाली और उसके करीबियों के ठिकानों पर है। जहूर वटाली जम्मू-कश्मीर का बड़ा कारोबारी है। इससे पहले जो अलगाववादी नेता गिरफ्तार हुए हैं उनसे पूछताछ के बाद जहूर वटाली के ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
NIA की छापेमारी श्रीनगर, बारामूला और हंदवाड़ा के इलाकों में चल रही है। टेरर फंडिंग में वटाली का काफी अहम रोल निभाता रहा है। घाटी में गड़बड़ी फैलाने वालों की फंडिंग में जहूर वटाली का नाम सबसे ऊपर है। वो श्रीनगर के बागात बरजला का रहनेवाला है। अलगाववादियों के साथ भी वटाली के अच्छे संबंध हैं।
वटाली के खिलाफ NIA को पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच वटाली की गहरी पैठ है। उसकी कई कंपनियां हैं। जिसका कारोबारा यूएई से लेकर यूरोप तक फैला है। लेकिन NIA को शक है ये कंपनियां केवल दिखाने के लिए हैं। इनका असल काम मनी लॉन्ड्रिंग का है। इन कपनियों के जरिये हवाला का काराबार होने का भी शक है।
NIA अबतक 8 हुर्रियत नेताओं को गिरफ्तार किया है। पिछले दिनों एक स्टिंग ऑपरेशन में ये बात सामने आई थी कि घाटी में बिगड़े हालात और आतंकी घुसपैठ के पीछे अलगाववादियों का हाथ है। अलगाववादियों की तरफ से आतंकियों को पैसे दिये जाते हैं। पत्थरबाजों को भी अलगाववादी पैसे देते हैं ताकि घाटी में हालात बिगाड़ा जाए। पाकिस्तान सरकार से हवाला के जरिये अलगाववादियों तक पैसे पहुंचाए जाते हैं। इसके अलावे सीमा पार से होने वाले व्यापार के आड़ में भी पैसे भेजे जाते हैं। अलगाववादी नेता के घर की गई छापेमारी में एक डायरी लिखी थी जिसमें इस बात का जिक्र था कि जम्मू कश्मीर के किस जिले में किस संगठन का कौन सा आतंकी सक्रिय है। यानि आतंकियों की मौजूदगी का पूरी जानकारी अलगाववादियों के पास रहती है।

Loading...

Leave a Reply