BSF ने दिया ऐसा जवाब कि रहम की भीख मांगने लगे पाकिस्तानी रेंजर्स

नई दिल्ली: हाल के दिनों में पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की घटना काफी ज्यादा बढ़ गई थी। सीधा निशाना आम जनता को बनाया जा रहा था। जिसके बाद BSF की तरफ से करारा जवाब देने की जरुरत थी। वही किया भी गया। BSF की तरफ से जम्मू के अखनूर सेक्टर में की गई जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स को सफेद झंडा लेकर BSF से गोलीबारी बंद करने की अपील करनी पड़ी।

सेना के अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान ने अपनी सेनाओं को आदेश दिया है कि भारत से बदला लेने के लिए बीएसएफ, सेना और आम लोगों में से किसी को नहीं छोड़ा जाए। हर किसी पर गोलीबारी की जाए। पाकिस्तान ने हाल के दिनों में सीमा पर जिस तरह से गोलीबारी की है उसमें यही रणनीति अपनाई गई थी। जिसके तहत सेना के साथ साथ रिहायशी इलाकों में भी गोलीबारी की गई।

पश्चिमी सीमा पर संघर्ष विराम के 500 मामलों में से दो तिहाई पिछले पांच हफ्तों में सामने आए हैं। केवल जम्मू में ही सीजफायर के 200 मामले दर्ज किये गए। इनमें से ज्यादातर मामले सर्जिकल स्ट्राइक के बाद के हैं। 2015 में पाकिस्तान की तरफ से 405 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे।

BSF की तरफ से की गई मुंहतोड़ कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स अब बैकफुट पर हैं। पिछले कुछ दिनों से सीमा पर शांति है। अधिकारियों के मुताबिक दिवाली के दो दिन पहले पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू के अखनूर सेक्टर में भारतीय चौकियों को बिना किसी उकसावे के छोटे हथियारों और मोर्टार से निशाना बनाया। पाकिस्तानी की इस हरकत का BSF ने मुंहतोड़ जवाब दिया। BSF ने ग्यारह दिनों में तकरीबन 5000 मोर्टार शेल और तकरीबन 35000 गोलियां दागे।

BSF के जवाब के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स सफेद झंडे लहराने लगे। पाकिस्तानी रेंजर्स BSF के सामने जवाबी फायरिंग बंद करने के लिए गिड़गिड़ा रहे थे। BSF के जवाबी फायरिंग में पाकिस्तान के कई पोस्ट तबाह हो गए थे जबकि कई पाकिस्तनी सैनिक भी मारे गए थे।

पाकिस्तानी रेंजर्स ने जब सफेद झंडे दिए और बातचीत की मांग की तो BSF ने फायरिंग बंद की। पाकिस्तानी रेंजर्स को ये साफतौर पर समझा दिया गया कि बातचीत केवल कमांडर लेवल पर मुमकिन है। इसके बाद से दोबारा पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की खबर नहीं आई है।

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