पूर्व सैनिक खुदकुशी: रामकिशन के परिजनों को 1 करोड़ देगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर मंतर पर पूर्व सैनिक रामकिशन ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। रामकिशन की खुदकुशी के बाद सियासत की जमीन को जैसे उर्वरक मिल गया। अबतक खामोश सियासी दल के नेता शोर मचाने लगे। मोदी सरकार की नीतियों को सवालों के चक्रव्यूह में फांसने की कोशिश शुरु हुई। अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर मंदिर मार्ग थाने तक हंगामा ही हंगामा। दिल्ली सरकार ने रामकिशन के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है।

arvindदिल्ली की सरहद तक ही सीमित नहीं रही रामकिशन की मौत पर सियासत। रामकिशन का अंतिम संस्कार हरियाणा के भिवानी में किया गया। उसके अंतिम संस्कार में वो सभी नेता पहुंचे जिन्होंने दिल्ली में मोदी सरकार से सवाल किया था कि OROP पर सरकार झूठ क्यों बोल रही है। हर राजनीतिक दल के नेताओं ने अपने हिसाब से और सहूलियत के मुताबिक रामकिशन की मौत पर सरकार की जिम्मेदारी तय की।

जिस रामकिशन को जंतर पर झांकने के लिए राजनीतिक पार्टी के दफ्तर पर तैनात दरबान तक नहीं गया था। उसी रामकिशन की मौत होने के बाद राजनीतिक दलों के सुप्रीमो उसके दरवजे तक पहुंच गए। हरियाणा सरकार में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पवार ने रामकिशन के घरवालों के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया। तो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रामकिशन को शहीद का दर्जा और 1 करोड़ रुपया मुआवजा दिया।

केजरीवाल ने कहा जो अहंकार कांग्रेस को ले डूबा है वही अहंकार बीजेपी को भी ले डूबेगा। रामकिशन के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया था। जिसके बाद ये सवाल भी पूछे जा रहे थे कि आखिर मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी को परिजनों से मिलने से क्यों रोका गया। सवाल ये भी हो रहे हैं कि क्या सचमुच पुलिस रामकिशन के परिजनों के साथ जबरदस्ती कर रही थी।

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