जानिये बैंकों में जो पुराने 500-1000 के नोट जमा हो रहे हैं वो किस काम आएंगे?

नई दिल्ली: लोग अब ये जानना चाहते हैं कि जो पुराने हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करवाए जा रहे हैं उन नोटों का क्या किया जाएगा। तो इसका जवाब है कि उन नोटों से ईंट बनाई जाएगी। उन नोटों से वो कागज भी तैयार की जाएगी जिसपर दोबारा नोट छापे जा सकें। साथ ही उन नोटों से फाइल कवर भी तैयार की जा सकती है।

2003 में भारत में बेकार हो चुके नोट को नष्ट करने की शुरुआत उस वक्त की गई जब विमल जालान आरबीआई के गवर्नर थे। इसके लिए करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग सिस्टम यानि CVPS लॉन्च किया गया है। इसके तहत देशभर में 19 ऐसी जगह है जहां पर बेकार हो चुके नोटों को नष्ट किया जाता है। इस तरह के हर सेंटर में 1 घंटे में 60,000 पुराने नोटों को नष्ट कर उनसे ईंट तैयार की जाती है। इस काम के लिए इन सभी सेंटर पर अत्याधुनिक मशीन लगाई गई है।

2012-13 में देश में कुल 1400 करोड़ खराब हो चुके नोट नष्ट किये गए थे। वहीं साल 2015-16 में 1640 करोड़ खराब हो चुके नोट नष्ट किये गए थे। लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष में 2300 करोड़ खराब नोटों को नष्ट करना है।

नोटबंदी के बाद से अलग-अलग बैंकों में तकरीबन 6 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। सरकार का अनुमान है कि 30 दिसंबर तक 10 से 15 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों में जमा होंगे। इन सभी नोटों को नष्ट कर इनसे ईंट बनाई जाएगी। पहले इन नोटों को बारीक कागज के टुकड़ों में बदला जाएगा। फिर मशीन से इन नोटों से ईंट बनाई जाएगी। आरबीआई इन ईटों को औद्योगिक इस्तेमाल के लिए बेच देता है। जिनका इस्तेमाल गड्ढे भरने या सड़कें बनाने में किया जा सकता है।

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